मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य प्रदेश में यूसीसी बिल पास, विपक्ष की प्रवर समिति वाली मांग खारिज

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
मध्य प्रदेश में यूसीसी बिल पास, विपक्ष की प्रवर समिति वाली मांग खारिज

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड- यूसीसी) विधेयक पारित हो गया है। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक, हंगामा और नारेबाजी हुई। कांग्रेस के विरोध के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही जारी रखते हुए बिल को पास घोषित कर दिया।

विधानसभा में आज मंत्री गौतम टेटवाल ने मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 पर चर्चा के लिए सदन में प्रस्ताव पेश किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। कांग्रेस विधायक यूसीसी के विरोध में नारेबाजी करने लगे जबकि भाजपा विधायक और मंत्री बिल पर चर्चा कराने की मांग करते रहे। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले 10 मिनट और फिर 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इसके बाद यूसीसी पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने, संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने और इसे राजनीतिक एजेंडा बताते हुए विरोध दर्ज कराया लेकिन इसके बावजूद सरकार ने बिल को सदन से पास करा लिया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें