राजस्थान के 11 जिलों में तेज बरसात का अलर्ट, हनुमानगढ़ में छत गिरने से दो भाइयों की मौत
जयपुर राजस्थान में बीते एक सप्ताह से जमकर बरस रहे मानसून की
रफ्तार कुछ धीमी हुई है। आज भी 11 जिलों में बारिश का अलर्ट है। वहीं,
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित कुछ जिलों में बीते 24 घंटे से रुक-रुक कर
बारिश हो रही है। हनुमानगढ़ में बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई। हादसे
में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों
में नदी-नाले भी उफान पर हैं।
टोंक-सवाई माधोपुर में
गुरुवार-शुक्रवार हुई तेज बारिश के बाद से बनास नदी उफान पर है। इस कारण
जयपुर-चौथ का बरवाड़ा-शिवाड़ मार्ग शनिवार से बंद है। जबकि, मध्य प्रदेश को
जोड़ने वाला कोटा-श्योपुर मार्ग 20 घंटे बंद रहने के बाद रविवार सुबह खुला
है। बीकानेर के लूणकरनसर में रविवार तड़के करीब दो घंटे जमकर बारिश हुई।
कस्बे के अधिकांश मोहल्लों में पानी भर गया है, निचले इलाकों में पानी एक
फीट तक भर गया। लूणकरनसर से गुजरते वाले नेशनल हाइवे पर दोनों तरफ पानी भर
गया। हनुमानगढ़ में बारिश के कारण टिब्बी तहसील के राठीखेड़ा पंचायत के गांव
चक 2 जीजीआर में एक मकान की छत गिर गई। हादसे में दो सगे भाइयों अमित और
सुमित की मौत हो गई जबकि परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। घायलों का जिला
अस्पताल में चल रहा है। परिवार मूल रूप से बिहार का है। हनुमानगढ़ में कई
साल से खेतिहर मजदूरी कर रहा था। टोंक और सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा
इलाके में हुई जोरदार बारिश से बनास नदी में शनिवार दोपहर अचानक उफान आ
गया। इसका असर रविवार सुबह तक दिखाई दे रहा है। यहां चौथ का बरवाड़ा से
शिवाड़ एवं जयपुर जाने वाले मार्ग पर देवली एवं एंचेर गांव के पास बनी
पुलिया के ऊपर से पानी ओवरफ्लो हो गया। इससे शिवाड़ से चौथ का बरवाड़ा एवं
जयपुर मार्ग पिछले 19 घंटे से बंद है। लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कोटा को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले रास्ते पर पुलिया से पानी बहने के कारण
संपर्क कट गया था। रविवार सुबह पानी उतरने के बाद यातायात फिर शुरू हो गया
है। यह पुलिया खातोली (इटावा) में पार्वती नदी पर है। रातभर इस पर चादर
(ओवरफ्लो) चली। कल दिन में चार से पांच फीट तक की चादर चलने से कोटा का
मध्य प्रदेश से संपर्क कटा रहा। टोंक जिले में दो दिन लगातार हुई बारिश से
लावा पंचायत का संपर्क गणेशपुरा, भेरूपुरा, बालापुरा, नयागांव बागरियाा की
ढाणी से कट गया। यहां विजय सागर बांध पर चादर चलने के कारण पुलिया पर
रविवार सुबह भी पानी बह रहा है।शनिवार शाम को ग्रामीणों ने बताया कि
गुरुवार रात से ही लावा क्षेत्र में बिजली नहीं है। नया गांव के ग्रामीणों
ने बताया कि खाने-पीने का सामान लावा से खरीद कर दो से ढाई फीट पानी के तेज
बहाव में अपनी जान को जोखिम डालकर अपने गांव पहुंच रहे हैं। शनिवार को
राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि
शेष जगह राज्य में मौसम ड्राई (शुष्क) रहा। जयपुर में भी दिनभर बादल रहे,
लेकिन बारिश नहीं हुई।
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, अजमेर संभाग के
जिलाें में कल पूरे दिन बारिश नहीं हुई। शनिवार दिन में उदयपुर संभाग में
भी सिरोही को छोड़कर शेष जगह बारिश नहीं हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने
रविवार को पूर्वी राजस्थान के 11 जिलों में बारिश होने का अलर्ट जारी किया
है। शेष जिलों के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। आठ-नौ जुलाई को
प्रदेश में मौसम पूरी तरह ड्राई रहने की संभावना जताई है। पूर्वी राजस्थान
के एरिया में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ कुछ इलाकों में हल्की छिटपुट
बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में सिरोही, करौली, झुंझुनूं, सवाई
माधोपुर, गंगानगर, धौलपुर, चूरू, भरतपुर और बारां जिले में हल्की से मध्यम
बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश झुंझुनूं जिले के गुढ़ा गौड़जी में 36 मिमी हुई।
पश्चिमी हवाओं के प्रभाव बढ़ने से मानसूनी हवाओं का फ्लो रुक गया, जिसके
चलते अगले अब तीन दिन तक राज्य में बारिश का दौर धीमा रहेगा। जयपुर के
अलावा अजमेर, भीलवाड़ा, पाली, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, जैसलमेर, जालोर,
बाड़मेर समेत कई जिलों में कल पूरे दिन मौसम ड्राई रहा। यहां दिन में कुछ
समय धूप भी निकली, जिससे गर्मी तेज हुई और उमस भी बढ़ी। बारिश का दौर हल्का
पड़ने और पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में
गर्मी थोड़ी तेज होने लगी है। शनिवार को बाड़मेर, जैसलमेर, फलौदी में दिन का
अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे अधिक तापमान 40.8 डिग्री
सेल्सियस फलौदी में मापा गया।
जयपुर, सीकर, झुंझुनूं में एक दिन
पहले तेज बारिश के बाद तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया था वहां भी
कल तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान केन्द्र
जयपुर की ओर से आज चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर, भरतपुर,
दौसा, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में हल्की से मध्यम बारिश का यलो
अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 10 जुलाई से मौसम में फिर
बदलाव देखने को मिल सकता है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर,
भरतपुर संभाग के जिलों में मानसून की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान धौलपुर,
करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, बारां, कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़,
प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में बारिश का
दौर शुरू हो सकता है।





