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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:47 · नई दिल्ली संस्करण

तुर्कमान गेट हिंसा मामला: दिल्ली पुलिस ने 6 और लोगों को गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तुर्कमान गेट हिंसा मामला: दिल्ली पुलिस ने 6 और लोगों को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम की तोड़फोड़ मुहिम के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 6 और लोगों को गिरफ्तार किया। इन ताजा गिरफ्तारियों के साथ, इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उन्होंने हिंसा में शामिल 30 लोगों की पहचान कर ली है। यह पहचान सीसीटीवी फुटेज, पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरे की रिकॉर्डिंग और इलाके के कई वायरल वीडियो के आधार पर की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए जल्द ही समन भेजा जाएगा, क्योंकि आरोप है कि हिंसा भड़कने से पहले वह घटनास्थल पर मौजूद थे।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने सांसद से घटनास्थल से दूर रहने का अनुरोध किया था, लेकिन घटना से पहले वह उस इलाके के पास ही बने रहे। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूट्यूबर सलमान की तलाश भी तेज कर दी है और उसे नोटिस भेजेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सलमान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके शांति भंग करने की कोशिश करने का आरोप है। उस पर डिमोलिशन ड्राइव के दौरान स्थानीय लोगों को घटनास्थल पर इकट्ठा होने के लिए बुलाने का आरोप है।

जांच में यह भी पता चला है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए निवासियों को इकट्ठा होने के लिए उकसाया। पुलिस ने बताया कि उनका मकसद ऑपरेशन के दौरान अशांति फैलाना और प्रशासन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में रुकावट डालना था। समाचार एजेंसी को मिली एफआईआर की कॉपी में घटनाओं का पूरा क्रम दर्ज है, जिसमें अतिक्रमण वाली जमीन पर पुलिस की बैरिकेडिंग से लेकर एक दर्जन स्थानीय लोगों द्वारा भड़काऊ नारे लगाने और फिर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने तक की बातें शामिल हैं।

पुलिसकर्मी स्थानीय लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि यह तोड़फोड़ अभियान सिर्फ अवैध निर्माणों और अवैध रूप से कब्जाई गई सरकारी जमीन को खाली कराने तक सीमित है और पास की मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा। एफआईआर के अनुसार, करीब 12:40 बजे जब पुलिसकर्मियों ने इलाके में बैरिकेडिंग शुरू की, ठीक उसी समय 30-35 लोगों का एक समूह मौके पर एकत्र हो गया और नारे लगाने लगा तथा पुलिस को नाकाबंदी करने से रोकने लगा।

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