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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:19 · नई दिल्ली संस्करण

‘ट्रंप का पूरा कार्यकाल थेरेपी सेशन है’, ईरान के नए प्रस्ताव को खारिज करने पर ईरानी दूतावास ने कसा तंज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
‘ट्रंप का पूरा कार्यकाल थेरेपी सेशन है’, ईरान के नए प्रस्ताव को खारिज करने पर ईरानी दूतावास ने कसा तंज

तेहरान। ईरान ने अमेरिका के 14 पाइंट वाले प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया और एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव वाशिंगटन को भेजा। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए ड्राफ्ट को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका के प्लान पर ईरान के जवाब की डिटेल्स, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने 'मंजूर नहीं' कहा। अमेरिका के प्लान के जवाब में पेश किया गया ईरान का प्रस्ताव, ईरानी देश के मूल अधिकारों पर जोर देता है। ईरान ने अमेरिका के प्लान को रिजेक्ट कर दिया है। अगर ईरान प्रस्ताव स्वीकार कर लेता, तो इसका मतलब होता कि तेहरान ट्रंप की बहुत ज्यादा मांगों के आगे झुक जाता है।

ईरानी दूतावास ने आगे कहा, "ईरान का प्लान इस बात पर जोर देता है कि अमेरिका को युद्ध का हर्जाना देना जरूरी है और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को सुनिश्चित करता है। ईरान ने बैन खत्म करने और देश के जब्त किए गए एसेट्स और संपत्तियों को रिलीज करने की जरूरत पर जोर दिया है।"

वहीं घाना में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के एक बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि उन्होंने कुछ 'पढ़ा' है, जबकि वास्तविकता यह है कि उस सामग्री का मूल सार उनके लिए अब भी एक रहस्य बना हुआ है। इसके बावजूद वे इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उन्हें वह पसंद नहीं आया।

कहा जा रहा है कि ट्रंप केवल वैश्विक ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस के आंतरिक सूत्रों ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनका पूरा कार्यकाल दरअसल एक 'मल्टी-बिलियन डॉलर थेरेपी सेशन' के अतिरिक्त और कुछ नहीं है, एक ऐसा उपचार, जो उन्हें उनके बचपन के दिनों में कभी प्राप्त नहीं हो सका।

दरअसल, ईरान की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया था कि मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित 'प्रतिनिधियों' का जवाब पढ़ा है।

मुझे यह पसंद नहीं आया, बिल्कुल मंजूर नहीं!

ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अमेरिका के प्लान का मतलब है ईरान का ट्रंप के लालच के आगे सरेंडर करना और तेहरान का जवाब ईरान के बुनियादी अधिकारों पर जोर देता है।

इसके साथ ही ईरान के नए प्रस्ताव में अमेरिका द्वारा युद्ध के मुआवजे की जरूरत और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता पर भी जोर दिया गया है। वहीं प्रतिबंधों को खत्म करने और देश के जब्त किए गए पैसे और संपत्ति को वापस करने की जरूरत पर भी जोर देता है।

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