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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:17 · नई दिल्ली संस्करण

ट्रंप ने लगाया ईरान पर बातचीत को लंबा खींचने का आरोप, कहा- वार्ता बंद होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ट्रंप ने लगाया ईरान पर बातचीत को लंबा खींचने का आरोप, कहा- वार्ता बंद होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई खास चिंता नहीं है कि ईरान अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रोक सकता है। उनका कहना था कि ईरान ने बातचीत में बहुत ज्यादा समय लिया है और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

सीएनबीसी के वरिष्ठ वाशिंगटन संवाददाता ईमोन जेवर्स के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने इस बात को खारिज कर दिया कि अगर बातचीत टूट जाती है तो उनकी रणनीति में कोई बड़ा बदलाव आएगा। यह बयान ऐसे समय आया जब तेल बाजारों में इस खबर के बाद तेज प्रतिक्रिया देखी गई कि ईरान अब बातचीत जारी रखने के लिए तैयार नहीं है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ बातचीत खत्म हो गई है, तो ट्रंप ने कहा, “सच कहूं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बातचीत खत्म हुई या नहीं। मुझे बिल्कुल परवाह नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर खत्म हो गई है, तो हो गई है। अगर नहीं हुई है, तो मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत ज्यादा समय लिया।

सच कहूं तो यह बातचीत अब काफी उबाऊ लगने लगी थी।”

ट्रंप ने ईरान पर बातचीत को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाया। इसमें बहुत ज्यादा समय लग गया। मुझे लगा कि वे बस हमें टाल रहे थे।

जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या ईरान जानबूझकर समय बर्बाद कर रहा था, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, मुझे ऐसा ही लगा।”

यह इंटरव्यू ऐसे समय हुआ जब ऊर्जा बाजारों में इस आशंका के कारण हलचल थी कि कूटनीतिक प्रयास विफल हो सकते हैं। जेवर्स ने बताया कि ईरान के बातचीत से पीछे हटने की खबरों के बाद तेल की कीमतों में आठ प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि ट्रंप ने बढ़ती तेल कीमतों को लेकर चिंता जताने से इनकार किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें तेल की कीमतों की चिंता है, तो उन्होंने कहा, “नहीं, मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है।” राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि तेल की कीमतें जल्द ही कम हो जाएंगी, और इसके लिए उन्होंने वैश्विक बाजारों में पहले से ही मौजूद तेल की भारी मात्रा का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बहुत जल्द तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। इस समय 1,700 जहाज तेल से भरे हुए हैं और यह किसी बड़े तेल प्रवाह की तरह बाजार में पहुंचेगा।” ट्रंप ने यह भी खारिज किया कि समुद्री मार्ग लंबे समय तक बाधित रहेंगे।

उनका कहना था कि तनाव के बावजूद जहाजों की आवाजाही जारी है।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात की वजह से ईरान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ट्रंप ने कहा, “मेरे हिसाब से वे हर दिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान झेलते रहें, क्योंकि नाकाबंदी की वजह से उन्हें इतना नुकसान हो रहा है।”

उन्होंने कहा, “इस समय मेरी जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हो।”

इसके बाद उन्होंने तेहरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेंगे, तो मैं उन्हें पूरी तरह तबाह कर दूंगा।

ट्रंप ने कहा कि अगर ईंधन की कीमतें बढ़ती भी हैं, तो लोगों को इसे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकने के संदर्भ में देखना चाहिए।

राष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूरोपीय देशों को ज्यादा उठानी चाहिए, क्योंकि इस क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति पर उनकी निर्भरता अमेरिका की तुलना में अधिक है।

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