New Rules: अगर आप भी करते है OLA, UBER और RAPIDO से यात्रा, जरूर जान लें परिवहन विभाग द्वारा जारी होने वाले इस नए नियम के बारें में

ओला-उबर, रैपिडो समेत ऐप आधारित यात्री सेवा देने वाले वाहनों पर अब परिवहन विभाग का शिकंजा कसने जा रहा है। ऐप आधारित यात्री सेवाओं के लिए परिवहन विभाग की नई नियमावली तैयार की गई है, नए नियम 1 सितंबर से लागू होंगे।
ओला, उबर, रैपिडो समेत ऐप आधारित यात्री परिवहन सेवाएं अब महाराष्ट्र परिवहन विभाग के रडार पर हैं। ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के बाद अब ऐप आधारित कैब और अन्य यात्री वाहनों के लिए भी नए नियम लागू किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग ने ऐप आधारित यात्री सेवाओं के संचालन को लेकर नई नियमावली तैयार की है, जो 1 सितंबर से लागू होगी। नई व्यवस्था के तहत ऐप आधारित यात्री सेवा संचालित करने वाली एग्रीगेटर कंपनियों के लिए परिवहन प्राधिकरण से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। वहीं, वाहन चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बैज होना जरूरी होगा। इसके साथ ही चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान भी अनिवार्य किया गया है।
- 15 साल का निवास प्रमाण और पुलिस सत्यापन जरूरी: नए नियमों के अनुसार बैज के लिए आवेदन करते समय चालक को मुंबई अथवा जिस शहर में वह सेवा देना चाहता है, वहां का 15 वर्ष का निवास प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र भी अनिवार्य होगा। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस या बैज हासिल करने वाले चालकों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- 12 घंटे से अधिक ड्राइविंग पर रोक: चालकों की सुरक्षा और थकान से होने वाली दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें लगातार 12 घंटे से अधिक वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही चालक को कुल किराए का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा देने का प्रावधान किया गया है। ऐप आधारित वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी। चालक का सत्यापन और वाहनों की ऑनलाइन निगरानी भी की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए संबंधित कंपनियों के ऐप और वेबसाइट पर मराठी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं का विकल्प उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
- ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भी अनिवार्य: परिवहन विभाग ने करीब तीन महीने पहले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का सामान्य ज्ञान अनिवार्य किया था। अमराठी चालकों को मराठी सीखने के लिए तीन महीने की अवधि दी गई थी। विभाग के अनुसार इस अभियान के तहत राज्यभर में एक लाख से अधिक अमराठी वाहन चालकों ने मराठी भाषा का प्रशिक्षण पूरा किया है। अब मराठी भाषा का आवश्यक ज्ञान नहीं रखने वाले ऑटो और टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों के तहत ऐसे चालक को पहले एक महीने की नोटिस देकर मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा। नोटिस की अवधि के बाद भी मराठी नहीं सीखने पर चालक का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।
इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य ऐप आधारित यात्री सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। अब 1 सितंबर से इन नियमों के लागू होने के बाद कंपनियों और वाहन चालकों के अनुपालन पर विभाग की निगरानी बढ़ने की संभावना है।





