भोपालः ईट राइट टूल किट पर हुआ प्रशिक्षण- गो, ग्रो, ग्लो फूड्स हों दैनिक जीवन में शामिल
भोपाल। ईट राइट टूल किट विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण होटल
प्रबंधन खानपान प्रौद्योगिकी एवं पोषण आहार संस्थान में बुधवार को आयोजित
किया गया। प्रशिक्षण में ईट राइट फिट इंडिया कैंपेन के तहत जन समुदाय में
स्वस्थ जीवन शैली, स्वस्थ भोजन एवं शारीरिक गतिविधियों को प्रेरित करने की
जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा
शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में
प्रतिभागियों को प्रमाण - पत्र वितरण एवं विभाग की अपेक्षाओं एवं रणनीति पर
चर्चा की गई। इस अवसर पर राज्यमंत्री ने कहा कि भोजन और पानी हमारे जीवन
की मूलभूत आवश्यकता है। भोजन के सामान्य नियमों का पालन करके बीमारियों से
बचाव हो सकता है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उपचार के
साथ-साथ मरीज को खान-पान संबंधी जानकारी भी दी जाए।
ईट राइट
के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रूप से टूल किट बनाई गई है जिसमें
महिला के गर्भधारण के दिन से एक हजार दिनों के दौरान पोषण आहार, खाने पीने
की अच्छी आदतें को अपनाने, कचरे के उचित निपटान शरीर में पोषक तत्त्वों की
भूमिका जैसे विषयों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण में होटल प्रबंधन
संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा टूल किट के उपयोग, संतुलित आहार, फूड
पिरामिड, आवश्यकता अनुसार खानपान, वसा, शक्कर एवं नमक के उपयोग, फूड
फोर्टिफिकेशन, फूड सेफ्टी, सुरक्षित फूड प्रैक्टिस, फूड एडल्टरेशन,भोजन
बनाने एवं खाने की स्वच्छता विषयों पर जानकारी दी गई। मानव शरीर को
प्रतिदिन कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स, प्रोटीन विटामिन और खनिज की आवश्यकता
होती है। इसकी पूर्ति के लिए दैनिक जीवन में सभी प्रकार के भोज्य पदार्थों
को शामिल करना आवश्यक है। आमजन को आसान भाषा में समझाने के लिए पदार्थ ऑन
को गो, ग्रो और ग्लो की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। कार्बोहाइड्रेट
और फैट्स से भरपूर गो फूड्स से हमें दैनिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा मिलती
है। गेहूं चावल मक्का रोटी तेल ब्रेड बटर इत्यादि शामिल है।प्रोटीन से
भरपूर ग्रो फूड्स हमारी मांसपेशियों को तन्दरूस्ती देते हैं। इसमें दूध,
पनीर, दालें, मछली इत्यादि शामिल है। ग्लो फूड्स अच्छी नेत्र ज्योति स्वस्थ
त्वचा और संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं। यह फूड्स विटामिन और खनिज से
भरपूर होते हैं जिसमें सब्जियों फल को शामिल किया जाता है।
प्रशिक्षण
में बताया गया कि गरम भोजन को पैक करने के लिए अखबार, प्लास्टिक, थर्मोकोल
जैसी पैकिंग सामग्री का उपयोग लंबे समय तक उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए
हानिकारक हो सकता है, इससे कैंसर और मस्तिष्क संबंधी विकार भी हो सकते हैं।
पैकिंग के लिए सादा कागज, टिशू पेपर, साफ कपड़ा , पेपर नैपकिन, स्टील,
कांच के बर्तन उपयुक्त रहते हैं।
प्रशिक्षण को संबोधित करते
हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने
कहा कि सामान्य बीमारियों से बचाव ले लिए स्वच्छता के दैनिक और सामान्य
नियम पालन किए जाने चाहिए। भोजन से पहले साबुन पानी से हाथों को अच्छी तरह
धोना, फल सब्जियों को उपयोग करने से पहले धोना, पीने के लिए साफ पानी का
इस्तेमाल नीचे गिरे भोजन को न खाना भोजन पानी को ढक के रखना जैसे स्वच्छता
के दैनिक और सामान्य नियम अपना कर बहुत सारी बीमारियों से बचाव किया जा
सकता है। इसके साथ ही गीले और सूखे कचरे का पृथक पृथक निस्तारण करना आवश्यक
है। दैनिक जीवन में संतुलित खानपान से हमें रोजमर्रा की सभी आवश्यकताएं
पूरी हो जाती हैं। विटामिन ए का उपयोग रतौंधी से बचाव करता है। विटामिन डी
हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक होता है।आयोडीन बुद्धि के विकास, थायराइड
और शरीर के सामान्य कार्य में सहायक होता है। आयरन फोलिक एसिड विटामिन B12
खून की कमी को दूर करता है।





