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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:36 · नई दिल्ली संस्करण

राजधानी में ट्रैफिक पुलिस सख्त, फर्जी परमिट और छेड़छाड़ वाले वाहन जब्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
राजधानी में ट्रैफिक पुलिस सख्त, फर्जी परमिट और छेड़छाड़ वाले वाहन जब्त

नई दिल्ली। नई दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और धोखाधड़ी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 48 घंटों में तीन अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। इन मामलों में जाली ‘नो एंट्री परमिट’ (एनईपी) का इस्तेमाल और वाहन के साथ छेड़छाड़ जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पहला मामला तिलक मार्ग सर्किल का है, जहां 27 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:15 बजे पटियाला हाउस कोर्ट के पास ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का उल्लंघन कर रहे एक वाहन को रोका। जांच के दौरान वाहन पर लगा ‘नो एंट्री परमिट’ ई-चालान मशीन से जांच करने पर फर्जी पाया गया। वाहन चला रहा 21 वर्षीय वीर पाल, जो उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला है, इस जाली परमिट को असली बताकर इस्तेमाल कर रहा था।

पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन को सौंप दिया और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

दूसरा मामला पार्लियामेंट ट्रैफिक सर्किल का है। 27 अप्रैल की रात करीब 10 बजे शंकर चौक पर चेकिंग के दौरान एक अन्य वाहन को रोका गया। जांच में पाया गया कि उस पर लगा ‘नो एंट्री परमिट’ भी फर्जी था और वास्तव में किसी दूसरे वाहन के लिए जारी किया गया था। वाहन चला रहे राहुल शुक्ला, जो शास्त्री पार्क इलाके का निवासी है, ने पूछताछ में बताया कि उसने यह जाली परमिट संजय नाम के व्यक्ति से 12 हजार रुपये में खरीदा था।

इस मामले में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

तीसरा मामला कनॉट प्लेस इलाके का है, जहां 26 अप्रैल को नियमित जांच के दौरान एक ऑटो-रिक्शा को रोका गया। कनॉट प्लेस स्थित काके दा ढाबा के पास की गई इस जांच में वाहन के चेसिस और इंजन नंबर रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते पाए गए।

इससे स्पष्ट हुआ कि वाहन के साथ छेड़छाड़ की गई है और उस पर नकली नंबर प्लेट लगाई गई है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन को सौंप दिया और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

वहीं, पुलिस का कहना है कि ई-चालान मशीनों और रियल-टाइम जांच के जरिए ऐसे मामलों की पहचान करना अब आसान हो गया है।

साथ ही, ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने या वाहनों में किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ‘नो एंट्री परमिट’ केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें, ताकि किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

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