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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:18 · नई दिल्ली संस्करण

राजगीर में खेलो इंडिया की तैयारी अधूरी वेटलिफ्टिंग के लिए जर्मन हैंगर बना सहारा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नालंदा। राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आगामी 4 से 15 मई तक आयोजित होने जा रहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 की तैयारियों को लेकर अव्यवस्थाएं उजागर हो रही हैं। पांच खेल प्रतिस्पर्धाओं में शामिल भारोत्तोलन मुकाबला अब निर्धारित इनडोर हॉल के बजाय अस्थायी जर्मन हैंगर पंडाल में आयोजित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 10 से 14 मई तक चलने वाली इस भारोत्तोलन प्रतियोगिता के लिए नया इनडोर हॉल तैयार किया जाना था लेकिन भवन निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण समय पर कार्य पूरा नहीं हो सका। आयोजन समिति ने निर्माण कार्य की धीमी गति और विभागीय समन्वय की कमी को इसका मुख्य कारण बताया है।तकनीकी चुनौतियां और खिलाड़ियों की चिंता है कि वेटलिफ्टिंग जैसे अत्यधिक तकनीकी और सटीकता वाले खेल के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार उपयुक्त मंच, तापमान नियंत्रण, वेंटिलेशन और दर्शक व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है लेकिन अस्थायी पंडाल में इन सबको सुनिश्चित कर पाना चुनौतीपूर्ण होगा। इससे खिलाड़ियों की सुरक्षा, प्रदर्शन की निष्पक्षता और सुविधाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।राज्य खेल अकादमी राजगीर के सहायक निदेशक मिथिलेश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए बन रहे इनडोर हॉल का समय पर पूरा होना अब संभव नहीं है, इसलिए आयोजन समिति ने वैकल्पिक तौर पर जर्मन हैंगर पंडाल लगाने का निर्णय लिया है।इस बीच बिहार भारोत्तोलन संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार ओझा ने कहा कि राजगीर जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व के शहर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन गौरव की बात है लेकिन अधूरी तैयारियों ने आयोजन की गरिमा पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। खिलाड़ियों और कोचों में भी यह चिंता है कि क्या पंडाल में राष्ट्रीय मानकों का पालन हो सकेगा या नहीं।हालांकि आयोजन समिति ने भरोसा जताया है कि निर्धारित समय के भीतर पंडाल निर्माण, सुरक्षा उपाय और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी। फिर भी इतने बड़े आयोजन में पूर्व तैयारी और प्रबंधन की कमी आयोजकों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है।

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