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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में मुठभेड़ का वीडियो वायरल होने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार में मुठभेड़ का वीडियो वायरल होने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित

पटना। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलाउंटी गांव में हुई एक पुलिस कार्रवाई का वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

वायरल वीडियो में एक युवक को पुलिस टीम पर पिस्तौल तानते और धमकी देते हुए देखा गया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है।

शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने शाहपुर थाना प्रभारी (एसएचओ) राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बताया गया कि प्रारंभिक जांच में कर्तव्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

यह कार्रवाई भोजपुर के एसपी राज के प्रस्ताव पर की गई।

इसके अलावा मौके पर मौजूद एक सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को भी निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी भारत भूषण तिवारी अवैध हथियार रखता है और उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाता है। इसी सूचना के आधार पर टीम बिलाउंटी गांव पहुंची थी लेकिन मौके पर स्थिति अचानक बिगड़ गई।

ऑपरेशन के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर आरोपी पुलिसकर्मियों के सामने खुलेआम पिस्टल लहराते और उन्हें धमकाते हुए दिखाई दिया।

इस वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और पुलिस टीम की कार्रवाई तथा मौके पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।

विभागीय जांच में पाया गया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी इतने संवेदनशील और जोखिमपूर्ण हालात में अपेक्षित सतर्कता, तैयारी और त्वरित कार्रवाई नहीं दिखा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।

यह विवाद बाद में भरत भूषण तिवारी से जुड़े पुलिस एनकाउंटर की पृष्ठभूमि में और गहरा गया। पुलिस के अनुसार, बाद में मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें भरत भूषण तिवारी गोली लगने से घायल हो गया।

उसे इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

हालांकि, एनकाउंटर इस पूरे मामले का अहम हिस्सा है, लेकिन फिलहाल जनचर्चा और विभागीय जांच का केंद्र वायरल वीडियो और उससे जुड़े पुलिस की कार्यप्रणाली, तैयारी तथा जवाबदेही के सवाल बने हुए हैं।

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