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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:16 · नई दिल्ली संस्करण

तृतीय केदारनाथ तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद, डेढ़ लाख तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तृतीय केदारनाथ तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद, डेढ़ लाख तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन

- शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेंगे : हेमंत द्विवेदीरुद्रप्रयाग/तुंगनाथ। तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट गुरुवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे शुभ मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली अपने प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान कर गई।इस यात्रा वर्ष में यहां डेढ़ लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।आज प्रात:काल भगवान तुंगनाथ का मंदिर श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ खुला। मंदिर को फूलों से सजाया गया था और पांच सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट मौजूद रहे। इसके पश्चात नित्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई और तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किए। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में साढ़े दस बजे से मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। भोग यज्ञ हवन पूजा के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया और पूर्वाह्न साढ़े 11.30 बजे तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।तुंगनाथ की चलविग्रह डोली मंदिर के अंदर से परिसर में विराजमान हुई मंदिर की परिक्रमा और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए ढोल नगाड़ों के साथ समारोहपूर्वक अपने प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान हुई। इस अवसर पर बाबा तुंगनाथ की जय घोष से वातावरण गूंज उठा।इस मौके पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस यात्रा वर्ष में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने तुंगनाथ के दर्शन का पुण्य अर्जित किया। उन्होंने कहा कि तुंगनाथ की चलविग्रह डोली के मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचने के बाद तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा शुरू हो जाएंगी। मंदिर समिति शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेगी।बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल एवं सभी बीकेटीसी सदस्यों ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि तुंगनाथ की यात्रा अपेक्षा के अनुरूप रही।बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चौपता पहुंचेगी और कल (शुक्रवार) 7 नवंबर दूसरे पड़ाव भनकुन प्रवास करेगी। चल विग्रह डोली शनिवार 8 नवंबर को अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी।कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, डाॅ. विनीत पोस्ती, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, मंदिर समिति सहित मठापति रामप्रसाद मैठाणी, केदारनाथ प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक बलबीर नेगी, अरविंद शुक्ला प्रकाश पुरोहित, दीपक पंवार,चंद्र मोहन बजवाल,पुजारी अतुल मैठाणी अजय मैठाणी, सहित अधिकारी कर्मचारी हक हकूकधारी मौजूद रहे।

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