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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 100 करोड़ के पार, अप्रैल-जून अवधि में 3.48 प्रतिशत का हुआ इजाफा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। ब्रॉडबैंड ग्रोथ के कारण भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 30 जून, 2025 तक 1 अरब को पार कर 1,002.85 मिलियन हो गई, जो मार्च की तुलना में 3.48 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन 100 करोड़ से अधिक ग्राहकों में से 4.47 करोड़ के पास वायर्ड इंटरनेट कनेक्शन थे, जबकि 95.81 करोड़ के पास वायरलेस कनेक्शन थे।

ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की संख्या 3.77 प्रतिशत बढ़कर 979.71 मिलियन हो गई, जबकि नैरोबैंड यूजर्स की संख्या घटकर 23.14 मिलियन रह गई। जून तिमाही में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1,218.36 मिलियन तक पहुंच गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 1.46 प्रतिशत अधिक है।

आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि इससे कुल दूरसंचार घनत्व बढ़कर 86.09 प्रतिशत हो गया, जो पिछली तिमाही में 85.04 प्रतिशत था।

जनसांख्यिकी के संदर्भ में, शहरी इंटरनेट ग्राहकों की संख्या लगभग 57.94 करोड़ है, जबकि ग्रामीण इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 42.33 करोड़ है।

आंकड़ों के अनुसार, वायरलेस सेवाओं के लिए मासिक औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता (एआरपीयू) 186.62 रुपए है, जबकि प्रति वायरलेस ग्राहक औसत उपयोग मिनट (एमओयू) हर महीने 16.76 घंटे है।

दूरसंचार क्षेत्र का सकल राजस्व 96,646 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से 1.63 प्रतिशत कम है, लेकिन सालाना आधार पर 12.34 प्रतिशत अधिक है। समायोजित सकल राजस्व 81,325 करोड़ रुपए रहा, जो पिछली तिमाही से 2.65 प्रतिशत अधिक है। एक्सेस सेवाओं का समायोजित सकल राजस्व में 83.62 प्रतिशत का योगदान रहा है।

प्रेस रिलीज में आगे कहा गया है कि लाइसेंस शुल्क 2.63 प्रतिशत बढ़कर 6,506 करोड़ रुपए हो गया और पास-थ्रू शुल्क 19.45 प्रतिशत घटकर 10,457 करोड़ रुपए हो गया।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने लगभग 912 निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को अपलिंकिंग या डाउनलिंकिंग या दोनों के लिए अनुमति दी है।

भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध 902 सैटेलाइट टीवी चैनलों में से, 30 जून, 2025 तक 333 सैटेलाइट पे टीवी चैनल हैं।

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