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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

अजमेर दरगाह मामले में अगली सुनवाई 6 मई को, प्रतिवादी बनने को 12 लोगों ने दी अर्जी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अजमेर दरगाह मामले में अगली सुनवाई 6 मई को, प्रतिवादी बनने को 12 लोगों ने दी अर्जी

अजमेर। अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (अजमेर शरीफ) में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले में शनिवार को जिला न्यायालय में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 मई की तारीख तय की है।

जिला न्यायालय ने शनिवार की कार्यवाही में ‘1/10’ के तहत दाखिल आवेदनों पर सुनवाई हुई, जिसमें कुल 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने और एक व्यक्ति ने वादी बनने के लिए आवेदन किया है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल यह फैसला सुरक्षित रख लिया है कि इस मामले में वादी और प्रतिवादी कौन होंगे।

कोर्ट ने अगली सुनवाई के दौरान उन आवेदकों को दोबारा उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने अभी तक अपना जवाब अदालत में पेश नहीं किए हैं।

यह याचिका विष्णु गुप्ता की ओर से दायर की गई है। याचिका में दरगाह परिसर के भीतर शिव मंदिर होने का दावा किया गया है। साथ ही, दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। विष्णु गुप्ता हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि कुछ अन्य पक्षकारों ने भी मामले में शामिल होने के लिए आवेदन किया है, जिनमें दरगाह दीवान, अंजुमन कमेटी और अन्य लोग शामिल हैं।

सभी पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें पेश की जा रही हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह मांग भी रखी गई है कि दरगाह परिसर में किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा, पूरे परिसर और आस्ताने शरीफ की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू सेना विष्णु गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि शनिवार को काफी देर तक बहस हुई है।

अदालत ने सबका पक्ष सुना, सबकी बाते सुनकर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है, आने वाले समय में ही पता चल पाएगा कि किसको पक्षकार बनाया जाता है। न्यायालय द्वारा वादी और प्रतिवादी तय किए जाने के बाद ही इस मामले की मेरिट यानी ‘7/11’ पर बहस शुरू होगी। दरगाह में निर्माण कार्य रोकने और सीसीटीवी से निगरानी की मांग भी की गई है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कोर्ट में सुनवाई होगी, वैसे-वैसे मामला आगे बढ़ेगा और सर्वे होने के बाद मामला सामने आएगा।

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