बिहार विधानसभा में गरमाया विद्युत विभाग के इंजीनियर के फोन नहीं उठाने का मामला
पटना। बिहार विधानसभा में शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक अली अशरफ सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के इंजीनियर न तो विधायक का फोन उठाते हैं और ना ही आम जनता का फोन उठाते हैं। इसपर सरकार की तरफ से ऊर्जा मंत्री ने भी अजीबोगरीब बयान दिया और कहा कि इंजीनियर की पत्नी बीमार थी, इसलिए फोन नहीं उठाया।
विधायक अली अशरफ सिद्दीकी ने बेऊर प्रशाखा में पदस्थापित विद्युत् कनीय अभियंता की शिकायत विधायक ने सवाल के जरिए सदन में उठा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इंजीनियर को तीन नंबरों से फोन किया गया लेकिन इंजीनियर ने फोन नहीं उठाया। इसपर ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद ने भी कह दिया कि इंजीनियर की पत्नी बीमार थी, इसलिए फोन नहीं उठाया।
इस पर राजद विधायक रणविजय साहू ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने से उनके इलाके का ट्रांसफार्मर खराब था लेकिन इंजीनियर को फोन करने के बाद भी विधायक का फोन नहीं उठाया। स्पीकर ने मामला गरमाता देख हालात को संभाला। स्पीकर ने विधायक को कहा कि काम तो हो गया, ये विधानसभा की ताकत है। सदन में सवाल आते ही ट्रांसफार्मर लग गया।
कांग्रेस विधायक अबिदुर रहमान ने अपने इलाके के एक इंजीनियर के बारे में ऐसा बोला कि सदन में सबकी निगाहें थम गई। इंजीनियर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विधायक ने इंजीनियर की तुलना चोर-डाकू से कर दी। विधायक ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन में पदस्थापित सहायक अभियंता अजहरुल ह को कार्यपालक अभियंता बना दिया गया जबकि इंजीनियर का कार्यकाल विवादास्पद रहा है। उन्होंने इंजीनियर को मूल विभाग जल संसाधन विभाग में भेजने की अपील की।
इसका उत्तर देते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। विधायक बार-बार इंजीनियर को हटाने की मांग करते रहे लेकिन मंत्री ने नहीं सुना। भाजपा के संजय पासवान ने कहा कि शिक्षा मंत्री सरकार का जो जवाब दे रहे हैं वाकपटुता से सवाल घुमा देते हैं। विजय चौधरी ने कहा कि यदि सरकार की तरफ से सही जवाब दिया जाए तो आप को वह चालाकी लग रही है तो हम क्या कर सकते हैं।





