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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

जोधपुर में बन रहा देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जोधपुर में बन रहा देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो

360 करोड़ की परियोजना में प्रथम चरण का 80 प्रतिशत काम पूरा, एक साथ तीन ट्रेनों का होगा रखरखाव

जोधपुर,। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो जोधपुर के भगत की कोठी में तेजी से आकार ले रहा है। लगभग 360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस अत्याधुनिक डिपो के प्रथम चरण का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद जोधपुर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव का देश का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि डिपो को भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यहां 24 कोच वाली पूर्ण वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रखरखाव किया जा सकेगा तथा एक साथ तीन ट्रेनों का निरीक्षण एवं मेंटेनेंस संभव होगा।

डिपो में 600 मीटर लंबा आधुनिक शेड, निरीक्षण पिट, सिंक्रोनाइज्ड लिफ्टिंग सिस्टम, ड्रॉप पिट टेबल, पिट व्हील लेथ, ऑटोमेटेड वॉशिंग सिस्टम तथा व्हील और बॉगी मेंटेनेंस जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इन तकनीकों से ट्रेनों का रखरखाव पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्तापूर्ण होगा।

डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि इस परियोजना का दूसरा चरण भी जल्द शुरू होगा। इसमें लगभग 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और सिमुलेटर रूम बनाए जाएंगे, जहां कर्मचारियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह परियोजना केवल रेलवे के लिए ही नहीं, बल्कि मारवाड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, तकनीकी कौशल का विकास होगा और जोधपुर आधुनिक रेलवे अवसंरचना के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।

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