पीएचईडी में गड़बड़ी की आशंका वाली निविदाएं होंगी रद्द :विजय सिन्हा
पीएचईडी में गड़बड़ी की आशंका वाली निविदाएं होंगी रद्द :विजय सिन्हा
पटना। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) में सभी एकल निविदाएं (सिंगल टेंडर) रद्द कर दी जाएंगी। अब तक जारी 4500 करोड़ की निविदाओं की जांच होगी। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जो उचित कार्रवाई का निर्णय लेंगे।सोमवार को विभागीय समीक्षा के बाद उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इसका निर्देश दिया। सिन्हा के पास पीएचईडी का दायित्व भी है और उनके इस निर्देश से विभागीय अधिकारियों से लेकर ठेकेदारों तक में खलबली मच गई है।ये निविदाएं पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान जारी हुई हैं। तब राज्य में महागठबंधन सत्तारूढ़ था और राजद कोटे से ललित कुमार यादव पीएचईडी मंत्री हुआ करते थे। इस विभाग के पास वस्तुत: पेयजल का काम है और अब गिनती के चापाकल बचे हैं।हालांकि, पंचायती राज विभाग से नल जल योजना हस्तांतरित हो जाने के बाद पीएचईडी के लिए काम के दायरे के साथ विभागीय बजट भी बढ़ गया है।सूत्र बता रहे हैं कि नवगठित राजग सरकार को ऐसे कई साक्ष्य मिले हैं, जिससे पिछली सरकार के दौरान निविदाओं व राशि के आवंटन में गड़बड़झाले की बू आती है। उन साक्ष्यों को आधार बनाते हुए विभागीय जांच का आदेश दे दिया गया है।शिकायत मिली है कि डिबार किए गए लोगों ने नाम बदलकर नई निविदाएं प्राप्त कर ली हैं। हेराफेरी करने वाले ऐसे लोग व एकल स्वामित्व वाली कंपनियों को चिह्नित कर उनकी निविदा कर दी जाएगी।उनके अलावा दो या दो से अधिक व्यक्तियों के स्वामित्व वाली कंपनियों को मिले ठेकों की भी जांच होगी। उस निविदा की भी जांच होगी, जिसे दो लोगों ने मिलकर लिया है। अगर उनमें कोई गड़बड़ी पाई गई तो गाज तय है।





