मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:24 · नई दिल्ली संस्करण

राज्यपाल ने कहा, संविधान सर्वोच्च, अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

जयपुर,। राजभवन में रविवार को तेलंगाना राज्य का स्थापना दिवस

मनाया गया। राज्यपाल कलराज मिश्र ने इस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं देते

हुए तेलंगाना के स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनसे संवाद भी किया।

मिश्र

ने तेलंगाना के इतिहास की चर्चा करते हुए इस प्रदेश को पर्यटन से भी

समृद्ध बताया। उन्होने कहा कि तेलंगाना शब्द का इस्तेमाल निज़ामों ने अपने

राज्य के मराठी भाषी क्षेत्रों से इसे अलग करने के लिए किया था। तेलंगाना

ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत समृद्ध प्रदेश है। हैदराबाद तेलंगाना का सबसे

विशाल और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है और यह दक्षिण-मध्य आंतरिक भारत का

प्रमुख शहरी केंद्र है। उन्होंने युवा राज्य तेलंगाना में नवाचार और

उद्यमिता के प्रयासों की सराहना की तथा इसके उत्तरोत्तर विकास की कामना की।

राज्यपाल

मिश्र ने कहा कि राजभवन में राज्यों के स्थापना दिवस मनाने के पीछे भावना

यही है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की सोच से हम सभी जुड़ सकें। उन्होंने कहा

कि विभिन्न राज्यों में भाषाई, रहन-सहन, खान-पान की विविधता के बाद भी

हमारे यहां एकता का भाव है। इसी से समरसता का निर्माण होता है।

उन्होंने

संविधान को सर्वोच्च बताते हुए अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग

रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान भारतीय जीवन मूल्यों का

जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने संविधान की मूल प्रति पर उकेरे चित्रों की

चर्चा करते हुए कहा कि इनमें भारत के इतिहास और संस्कृति के साथ उदात्त

जीवन मूल्यों का ओज समाया हुआ है। इस अवसर पर तेलंगाना के स्थानीय लोगों ने

राजस्थान के अपनत्व भरे वातावरण की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के

सचिव गौरव गोयल तथा प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्द राम जायसवाल भी उपस्थित

रहे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें