मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:33 · नई दिल्ली संस्करण

तेजस्वी यादव ने जमीन के बदले नौकरी केस में आरोप स्वीकार करने से किया इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तेजस्वी यादव ने जमीन के बदले नौकरी केस में आरोप स्वीकार करने से किया इनकार

पटना। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सीबीआई की जांच वाले जमीन के बदले नौकरी घोटाले में अपने खिलाफ कोर्ट द्वारा तय किए गए आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने मामले में मुकदमा लड़ने का फैसला किया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती और अन्य कई आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे।

कोर्ट ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक आपराधिक गिरोह की तरह काम किया और सरकारी नौकरियों को जमीन हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया। जज ने टिप्पणी की कि रेल मंत्रालय को व्यक्तिगत संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया गया और व्यापक साजिश रची गई।

कोर्ट ने कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए, जबकि 52 अन्य को बरी कर दिया। यह मामला 2004 से 2009 के दौरान लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए भारतीय रेलवे में ग्रुप डी की नियुक्तियों से जुड़ा है।

सीबीआई का आरोप है कि इन नौकरियों के बदले उम्मीदवारों ने लालू परिवार या उनके सहयोगियों के नाम पर जमीनें सस्ते दामों पर या मुफ्त में ट्रांसफर कीं।

29 जनवरी को कोर्ट ने लालू परिवार और अन्य आरोपियों को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच औपचारिक रूप से आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए पेश होने का निर्देश दिया था। तेजस्वी यादव ने आरोप स्वीकार नहीं किए और ट्रायल का सामना करने का विकल्प चुना।

राजद ने इस पूरे मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और आरोपों को खारिज किया है।

कोर्ट ने आरोप तय करने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। सभी आरोपी आरोपों से इनकार करते हैं और कहते हैं कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है। मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब आगे सुनवाई और सबूत पेश करने का दौर चलेगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें