मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

भारतीय मूल की अमेरिकी सैनिक को नम आंखों से विदाई, अंतिम संस्कार में पहुंचे मेयर ममदानी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
भारतीय मूल की अमेरिकी सैनिक को नम आंखों से विदाई, अंतिम संस्कार में पहुंचे मेयर ममदानी

न्यूयॉर्क। ईरान युद्ध में शहीद हुई भारतीय मूल की अमेरिकी सेना की सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को उनके अंतिम संस्कार में हीरो की तरह विदाई दी गई। न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी शोक सभा में शामिल हुए।

एंजेल सारा का अंतिम संस्कार स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार को हुआ। अंतिम संस्कार में अमेरिकी अधिकारी, सैनिक और सैकड़ों शोक मनाने वाले शामिल हुए। एंजेल की मां कैरोल एसेवेडो ने कहा, “मेरी बेटी एक असली हीरो थी।”

सारा दो साल की उम्र में त्रिनिदाद से अमेरिका आ गई थीं। यहीं पर उनका पालन-पोषण हुआ।

एंजेल सारा की मौत पिछले महीने जुलाई के आखिर में जॉर्डन में अमेरिकी सेना के बेस पर ईरानी मिसाइल हमले में हो गई थी।

न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने उनके शोक में पूरे राज्य में झंडे आधे झुकाने का आदेश दिया था। गवर्नर होचुल ने कहा, “उन्होंने हिम्मत और बिना स्वार्थ के जिंदगी जी।

न्यूयॉर्क और हमारा देश, उनके जैसे बहादुर अमेरिकियों की वजह से ज्यादा सुरक्षित है, जो सेवा करने की पुकार का जवाब देते हैं।”

शहर और राज्य ने उनकी आखिरी यात्रा पर उन्हें सम्मान देने के लिए रैली निकाली, जिसे कुछ स्टेशनों ने लाइव दिखाया।

न्यूयॉर्क पुलिस के दर्जनों मोटरसाइकिल सवार जवानों के साथ एक काफिला उनके पार्थिव शरीर को एक चर्च में अंतिम संस्कार के लिए ले गया और फिर लॉन्ग आइलैंड के एक कब्रिस्तान में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें विदाई गया।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहर ममदानी चर्च में शोक मनाने वालों में शामिल हुए और कहा, “सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद की हिम्मत और कुर्बानी को पूरे शहर में याद किया जाएगा।

न्यूयॉर्क के बहुत से लोगों के लिए विदेशों में चल रहे युद्ध कभी दूर नहीं होते, हम उन्हें यहां घर पर भी महसूस करते हैं।”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने 22 जुलाई को जॉर्डन से डोवर एयर फोर्स बेस पर लाए गए उनके पार्थिव शरीर को मिलिट्री सम्मान के साथ स्वीकार किया।

एंजेल सारा जर्मनी में आर्मी एयर और मिसाइल डिफेंस कमांड के साथ थीं, लेकिन युद्ध के लिए उन्हें जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात किया गया था।

ईरान युद्ध में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बमबारी की थी।

सारा और चार अन्य लोग को पेंटागन ने ईरान युद्ध में मारे गए लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।

ये वे सैन्यकर्मी हैं जो अमेरिका और ईरान के बीच समझौता टूटने के बाद फिर से शुरू हुई लड़ाई में मारे गए हैं।

हालांकि, रविवार को उन्हें उस लिस्ट से हटाकर “ओवरसीज ऑपरेशन्स” नाम की एक नई लिस्ट में डाल दिया गया। माना जा रहा है कि यह कदम ईरान युद्ध में हुई हताहतों की संख्या को कम दिखाने के लिए उठाया गया है।

17 जुलाई को हुए हमले में उनके साथ दो और लोग, कैप्टन टायलर जेम्स फीहान (25) और प्राइवेट फर्स्ट क्लास इसाबेला गोंजालेस (19) भी मारे गए।

अगले दिन, सर्जेंट माइकल इमैनुएल स्विंटन इराक में एक बेस पर मारे गए, जिस पर ड्रोन से हमला हुआ था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें