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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

तमिलनाडु सरकार की समीक्षा बैठक: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तमिलनाडु सरकार की समीक्षा बैठक: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।

यह बैठक सोमवार को सचिवालय में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम, मामलों की जांच में तेजी लाने, कानूनी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने तथा जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार का उद्देश्य ऐसे अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक मजबूत और प्रभावी प्रणाली विकसित करना है, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस विभाग, समाज कल्याण विभाग और एडवोकेट जनरल कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने विभागों की वर्तमान स्थिति तथा चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया में देरी होने से न्याय मिलने में समय लगता है।

इसे कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संसाधनों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एम. साईकुमार (आईएएस) भी उपस्थित रहे। इसके अलावा गृह, निषेध एवं आबकारी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के. मनीवासन (आईएएस) तथा एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने भी अपने विचार साझा किए। सभी अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि भविष्य में जागरूकता अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि समाज में संवेदनशीलता बढ़े और अपराधों को रोकने में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इस बैठक को राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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