नेपाल बस हादसा में लापता ड्राइवर का सांकेतिक शव बनाकर किया गया अंतिम संस्कार
पूर्वी
चंपारण।नेपाल के के त्रिशूली नदी में बस सहित लापता चालक
के शव का इंतजार कर थक चुके परिजनो ने शनिवार को उसका कुश का सांकेतिक शव
बना कर दाह संस्कार कर दिया। नेपाल के बीरगंज शहर के नगवा मुहल्ला निवासी
ड्राइवर जवाहिर महतो का जिस समय सांकेतिक शव बनाया जा रहा था,उस समय पूरे
मुहल्ले का माहौल गमगीम बन गया था।
परिजनो ने बताया कि अब इनलोगों
ने उसके जिन्दा होने की संभावना नहीं रह गई है और नहीं उनके शव के मिलने का
अब कोई आशा बचा है। गोताखोरों के द्वारा शव की टोह की जा रही थी तो
इनलोगों ने इतने दिनों तक इंतजार किया। परिजन रोज जवाहीर महतो के शव को आने
का इंतजार कर रहे थे।
अंतत: हिन्दू धर्म के परम्परा और मान्यता
के अनुरूप इनलोगों ने कुश का शव बनाकर इनका दाह संस्कार कर दिया
है।परंपरागत तरीके से पहले कुश के शव बनाकर उसे कफन दिया गया फिर विधिवत
पचाठी को कंधा देकर परिजन श्मशान पहुंचे और क्रिया कर्म कर उनका अंतिम
संस्कार किया।परिजनो ने बताया कि हिन्दू परम्परा के अनुरूप इनका बारहवी की
जाएगी।उल्लेखनीय है,कि जवाहीर महतो लैडस्लाइड के दौरान त्रिशुली नदी में
गिरे एंजल बस के ड्राइवर थे।





