छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर गहराया संदेह: क्या भूपेश बघेल को कांग्रेस 'परिवार' का संरक्षण प्राप्त है?

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार एक बार फिर देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व लगातार उन्हें बचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस का पहला परिवार स्वयं इन घोटालों में संलिप्त है?
यह आरोप उस वक्त और गंभीर हो गए जब आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया था कि “भूपेश बघेल देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री रहे हैं।” केजरीवाल जैसे विपक्षी नेता की ओर से यह कथन कांग्रेस की कथित नैतिकता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि जब देश के विभिन्न जांच एजेंसियों ने छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले, शराब घोटाले, रेत खनन और ट्रांसपोर्ट टैक्स जैसे घोटालों में करोड़ों रुपये के हेरफेर के सुराग पाए हैं, तब कांग्रेस पार्टी का बघेल को ढाल बनाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब भी जांच की प्रक्रिया तेज होती है, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेता व्यक्तिगत रूप से भूपेश बघेल के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने पूछा – “कांग्रेस पार्टी भूपेश बघेल को बचाने के लिए इतनी चिंतित क्यों है? क्या वजह है कि उनके घोटालों की परतें खुलने से पहले कांग्रेस नेतृत्व उन्हें ढाल देने में जुटा है? क्या भूपेश बघेल के भ्रष्टाचार में कांग्रेस का प्रथम परिवार भी भागीदार रहा है?”
डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी से यह भी पूछा कि यदि पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो वह भूपेश बघेल जैसे नेताओं को टिकट क्यों देती है, जिन पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों की जांच चल रही है? उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस सिर्फ सत्ता की राजनीति के लिए भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देती है, जिससे उसकी कथनी और करनी में भारी अंतर स्पष्ट होता है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महाघोटालों में जिस तरह से सरकारी अधिकारी, निजी एजेंसियां और कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त रसूखदार लोग शामिल पाए गए हैं, उससे आम जनता में भी भारी असंतोष है। यदि इन मामलों की निष्पक्ष और तेज जांच नहीं हुई तो यह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी एक गहरी चिंता का विषय होगा।
भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि 2025 और उसके आगे होने वाले चुनावों में कांग्रेस के भ्रष्टाचार को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा, और जनता के समक्ष सच्चाई को उजागर किया जाएगा।





