सूरसागर उपद्रव मामला : पांच थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगाई, 45 उपद्रवी गिरफ्तार, दो सौ लोगों पर केस दर्ज
जोधपुर, । शहर के सूरसागर क्षेत्र में स्थित एक ईदगाह की दीवार के
पास ट्रक खड़े करके दो दरवाजे अवैध रूप से निकाले जाने को लेकर हुए बवाल के
बाद पुलिस ने सख्ती करते हुए सूरसागर, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देव नगर
और राजीव गाँधी नगर थाना क्षेत्र में 22 जून सुबह छह बजे से आगामी आदेश तक
धारा 144 लगा दी है।
डीसीपी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि वृत
प्रतापनगर के पांच थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगाई गई है। शुक्रवार रात
उपजे सांप्रदायिक तनाव के बाद पुलिस प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते
हुए अब तक 200 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर 45 उपद्रवियों की गिरफ्तारी की जा
चुकी है। पुलिस के आला अधिकारी कल रात से ही सूरसागर क्षेत्र में डेरा
डालकर बैठे हैं और क्षेत्र में आरएसी और एसटीएफ की बटालियन पुलिस जाब्ते के
साथ तैनात है।
शुक्रवार को मावडियो की घाटी क्षेत्र में
स्थित एक ईदगाह परिसर में ट्रक खड़े करवा कर रास्ते खोलने के विवाद को लेकर
दो पक्षों में बढ़े विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया। मौके पर जमकर कांच की
बोतलें और पत्थरबाजी की गई। एक दुकान को आग के हवाले भी कर दिया गया। पुलिस
और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया।
वहीं, प्रशासन ने निगम की टीम को बुलाकर मौके से कांच और पत्थर हटवाए।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन धीरे-धीरे सामन्य होने की तरफ बढ़ रही
है। पुलिस फोर्स इलाके में गश्त कर रही है। लोगों से शांति व्यवस्था बनाए
रखने की अपील की जा रही है।
सूरसागर क्षेत्र में घटित साम्प्रदायिक
तनाव को लेकर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बयान देते कहा दोषियों के
खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई। किसी भी दोषी को नहीं जाएगा। उन्होंने अपने
बयान में कहा जोधपुर शहर है अपनायत का शहर इसलिए दोनों पक्षों से की शांति
बनाए रखने की अपील की। जबकि शहर विधायक अतुल भन्साली और सूरसागर विधायक
देवेंद्र जोशी ने भी घटना स्थल पर पहुँच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की
मांग की।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मार्च
किया। अलग-अलग गली मोहल्ले में मार्च किया गया। आमजन और पुलिस पर पथराव
करने वाले उपद्रवियों को पुलिस ने धरपकड़ करनी शुरू की तो आरोपितों के
परिवार जनों ने आक्रोश जताया । किसी एक तत्व द्वारा गड़बड़ी किये जाने पर बने
माहौल पर पर आक्रोश जताया गया।
एडीसीपी नरपत सिंह और निशांत
भारद्वाज, लाभूराम व राजेन्द्र दिवाकर भी मौके पर है। अधिकारियों के साथ
पुलिस के जवान और महिला सिपाहियों को भी तैनात किया गया है।





