मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के पुनर्वास पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के पुनर्वास पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को दूसरी जगह पर स्थानांतरित करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगा।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की तीन जजों वाली पीठ द्वारा 'इन री: सिटी हाउंडेड बाय स्ट्रेज़, किड्स पे प्राइस' शीर्षक से स्वतः संज्ञान मामले में निर्णय सुनाया जाएगा।

यह मामला न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ के पिछले निर्देश से संबंधित है, जिसमें दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में नगर निकायों को सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था।

सार्वजनिक सुरक्षा और रेबीज की घटनाओं पर बढ़ती चिंताओं के जवाब में जारी इस आदेश में अधिकारियों को सड़कों को आवारा पशुओं से मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही इन प्रयासों में बाधा डालने वाले व्यक्तियों या संगठनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस आदेश से पशु कल्याण समूहों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों में भारी विरोध हुआ, क्योंकि उनके अनुसार क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में आवारा पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त आश्रय सुविधाएं नहीं हैं।

कई लोगों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे सर्वोच्च न्यायालय के 2024 के फैसले के विपरीत बताया, जिसमें आवारा पशुओं के अधिकारों को बरकरार रखा गया था और संवैधानिक मूल्यों के रूप में करुणा और सह-अस्तित्व पर जोर दिया गया था।

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और तीन जजों की एक बेंच बनाई, ताकि आवारा कुत्तों को मारने पर रोक लगाने और उनके साथ मानवीय व्यवहार करने के पिछले अदालती फैसलों को ध्यान में रखकर मामले की दोबारा समीक्षा की जाए।

इस मामले में फैसला शुक्रवार को सुनाया जाएगा। इसके साथ ही, राजस्थान हाई कोर्ट के आवारा कुत्तों के प्रबंधन से संबंधित एक समान निर्देश को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई होने की उम्मीद है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें