चैत में सूरज ने गर्मी से किया बेहाल, बैसाख में क्या होगा हाल?
नई
दिल्ली, चैत (चैत्र) का महीना आमतौर पर उतना गरम नहीं
होता, जितना इस साल है। लगता है 23 अप्रैल को चैत खत्म होते-होते सूरज का
पारा सातवें आसमान पर होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी ऐसे ही संकेत
दिए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाले
दिनों में यह महीना और भी अधिक गर्म रहने वाला है। तेलंगाना, कर्नाटक और
रायलसीमा के अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी
दिल्ली में सुबह और शाम तो ज्यादा गरमी नहीं होती पर दिन चढ़ते ही धूप झुलसा
देने वाली होती है।
विभाग के अनुसार आज दिल्ली का मौसम
साफ रहेगा। ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा के
अलग-अलग इलाकों में बारिश के साथ ओले पड़ने की संभावना है। मंगलवार से
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इस वजह से दिल्ली मेंआंशिक बादल छा सकते हैं।
फिलहाल इसका मौसम और तापमान पर खास असर नहीं होगा, लेकिन सप्ताह के अंत
में कुछ जगहों पर गरज के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।
विभाग
का कहना है कि बिहार के पटना समेत 22 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट
आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। तेज झोंके के साथ 30-40 किलोमीटर
प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने का पूर्वानुमान है। भारत मौसम विज्ञान
विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में हल्की से भारी
बारिश हो सकती है। इन राज्यों में गंगीय पश्चिम बंगाल, पूर्वी असम,अरुणाचल
प्रदेश पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र
शामिल हैं। 9 से 12 अप्रैल के बीच केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के
कुछ हिस्सों और कर्नाटक में बारिश हो सकती है। ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश,
विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा के अलग-अलग इलाकों में ओलावृष्टि की
संभावना है।





