राजस्थान में आंधी-तूफान, पेड़ के नीचे दबा परिवार, मां-बेटी की मौत
जयपुर,। राजस्थान में तेज गर्मी से लोगों को राहत मिलनी शुरू हो
गई। प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से शुक्रवार को भी मौसम बदलने की
चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को एक सक्रिय पश्चिमी
विक्षोभ के प्रभाव से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर व जयपुर संभाग के कुछ भागों
में दोपहर बाद तीव्र मेघगर्जन, तेज अंधड़ और बारिश होने की संभावना है। इस
दौरान पश्चिमी राजस्थान में तेज अंधड़ के साथ कहीं-कहीं बारिश, वज्रपात व
ओलावृष्टि होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार तंत्र का
प्रभाव आठ-नौ जून को भी बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर भरतपुर, कोटा संभाग
के कुछ भागों में मेघगर्जन, आंधी व हल्की बारिश के रूप में जारी रहेगा। दस
जून से कोटा, उदयपुर संभाग के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां दर्ज
होने और शेष भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। विभाग ने
बीकानेर, चूरू और नागौर में अगले कुछ घंटों के भीतर मेघगर्जन, धूलभरी आंधी,
वज्रपात और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विक्षोभ के असर से गुरुवार
शाम को जयपुर, सीकर, दौसा के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर में तेज
धूलभरी आंधी चली। तेज तूफान के कारण कई जगह पेड़, ट्रांसफार्मर के खंभे और
होर्डिंग बोर्ड गिर गए। झुंझुनूं के खेतड़ी में आंधी के कारण पेड़ टूटकर
गिरने से 11 साल की बच्ची और उसकी मां की मौत हो गई।
राजधानी जयपुर
में रात करीब 10 बजे बाद मौसम में बदलाव आया। आसमान में बादल छाने के साथ
हवा चलनी शुरू हुई। रात करीब साढे दस बजे तेज रफ्तार से आंधी शुरू हो गई और
आसमान में मिट्टी का गुबार छा गया। तेज आंधी से कुछ जगह पेड़-पौधे गिर गए।
झुंझुनूं के खेतड़ी क्षेत्र के बांसियाल गांव में आंधी के कारण पेड़ टूटकर
घर के बाहर सो रहे परिवार पर गिर गया। हादसे में 11 साल की काजल की मौत हो
गई और उसकी मां सावित्री (45) घायल हो गई। घायल सावित्री को खेतड़ी के
राजकीय उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत
हो गई। इससे पहले देर शाम श्रीगंगानगर, बीकानेर के साथ हनुमानगढ़ में
काली-पीली आंधी चली। श्रीगंगानगर के सीमावर्ती एरिया में धूल का बड़ा गुबार
उठा और आसमान में छा गया। कई गांवों में पेड़ और ट्रांसफार्मर लगे रोड लाइट
के खम्भे गिर गए। इससे गांवों में बिजली की सप्लाई प्रभावित हो गई। सड़क
किनारे लगे बड़े होर्डिंग, घरों और अन्य जगह लगे टीनशैड भी उड़ गए।
राजस्थान
में पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में गिरावट हुई। सबसे ज्यादा तापमान
कल चित्तौड़गढ़ में 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जयपुर, श्रीगंगानगर,
हनुमानगढ़, चूरू, टोंक, धौलपुर समेत कई शहरों में कल दिन का तापमान चार
डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। चित्तौड़गढ़ के अलावा वनस्थली (टोंक), बारां,
करौली में कल दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी जयपुर
में तापमान 41.6, कोटा में 42.6, उदयपुर में 40, धौलपुर में 42.2,
बाड़मेर-जैसलमेर में 40.5, जोधपुर में 40.9, फलोदी में 40.6, बीकानेर-चूरू
में 42.4, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में 39 डिग्री सेल्सियस के आस-पास मापा
गया। जयपुर मौसम केन्द्र के मुताबिक शुक्रवार को अजमेर, अलवर, बारां,
भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, सवाई
माधोपुर, टोंक, बाड़मेर और पाली में येलो अलर्ट, जबकि गंगानगर, नागौर,
जोधपुर, जैसलमेर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं और सीकर में ऑरेंज
अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में दोपहर बाद तेज डस्ट स्ट्रोम (अंधड़)
चलने के साथ बिजली चमकने, मेघगर्जना के साथ बारिश होने और ओले गिरने की
चेतावनी जारी की गई है।





