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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:58 · नई दिल्ली संस्करण

बंद हों ओटीटी पर अनसेंसर्ड विदेशी फिल्में दिखाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

3 मार्च को इंडियन फिल्म मेकर्स एसोसिएशन से जुड़े लोग करेंगे प्रदर्शन

वीरेन्द्र सैनी

नई दिल्ली। देश में ओटीटी प्लेटफार्म पर बिना सेंसर की हुई सामग्रियों को दिखाने के खिलाफ बड़ी संख्या में इंडियन फिल्म मेकर्स एसोसिएशन के लोग 3 मार्च को जंतर मंतर पर एकत्रित होंगे। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संगठन के अध्यक्ष दिलीप कुमार एचआर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सभी भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म विदेशी फिल्मों की बिना सेंसर की गई सामग्री को भारत में प्रसारित कर रहे हैं। बिना सेंसर किए गए कंटेंट के कारण बच्चे और बुजुर्ग सांस्कृतिक और नैतिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। सभी भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म छोटे फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं। वे छोटे सिनेमाघरों पर विचार नहीं करते हैं बल्कि सस्ती लोकप्रियता और भारतीय संस्कृति को विद्रुप करने के लिए वह ओटीटी पर विदेशी फिल्मों को प्रसारित कर रहे हैं जिसको भारतीय नियमों द्वारा सेंसर नहीं किया गया है।

इंडियन फ़िल्म मेकर्स एसोसिएशन की उपाध्यक्ष डॉ जलादी विजया का कहना है कि इस देश की अपनी सांस्कृतिक विरासत है। इसको बिगाड़ने की छूट किसी को नहीं दी जानी चाहिए। हम सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अनुरोध करते हैं कि वह इस दिशा में उचित कदम उठाए।

प्रेसवार्ता में भारतीय फिल्म निर्माता संघ तेलुगु के अध्यक्ष ममीडाला श्रीनिवास ने कहा कि

हम यहां भारतीय टेलीविजन पर दिखाई जा रही ओटीटी सामग्री के संबंध में अपनी चिंताओं को उजागर करने के लिए एकत्र हुए हैं। यह हम सभी के लिए एक बढ़ती हुई चिंता का विषय बन गया है, विशेष रूप से छोटे और मध्यम फिल्म निर्माताओं के लिए, जिन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है, चाहे वह टेलीविजन पर हो या थिएटर में स्क्रीन स्पेस साझा करने पर। ओटीटी पर विदेशी सामग्री की आमद के कारण, हम भारत की रचनात्मक और स्थानीय प्रतिभाओं की सेवाओं को खो रहे हैं, हमारे पास हमारी संस्कृति, पौराणिक कथाओं में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर दिया जा रहा है, साथ ही, हम और अधिक नए और युवा लेखकों को फिल्म देखना चाहेंगे।

इंडियन फिल्म मेकर्स एसोसिएशन के सचिव पुलगाम रामाचंद्रन रेड्डी ने कहा कि सभी भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म अपनी राजस्व प्राप्तियां निर्माताओं के साथ साझा नहीं कर रहे हैं। इससे यह भी नहीं पता चल रहा है कि वह कितना धन अर्जित कर रहे हैं। हमारी मांग है कि सभी ओटीटी प्लेटफार्मों में बिना सेंसर वाली सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जाए। यह मांग हम लोग काफी पहले से करते आ रहे हैं हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगों पर विचार करेगी। यही नहीं जंतर मंतर पर इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में देश भर के इंडियन फिल्म मेकर्स एसोसिएशन के लोग एकत्रित होंगे।

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