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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

पश्चिम एशिया तनावों के चलते लगातार छठे हफ्ते गिरा शेयर बाजार, ट्रंप के बयान से बढ़ी अनिश्चितता

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पश्चिम एशिया तनावों के चलते लगातार छठे हफ्ते गिरा शेयर बाजार, ट्रंप के बयान से बढ़ी अनिश्चितता

मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और करेंसी में तेज उतार-चढ़ाव के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। चार दिन के छोटे कारोबारी हफ्ते में दोनों प्रमुख बेंचमार्क लाल निशान में रहे।

बीएसई सेंसेक्स गुरुवार को 73,319.55 पर बंद हुआ, जो पिछले शुक्रवार के बंद भाव से 263.67 अंक यानी 0.35 प्रतिशत कम है। वहीं निफ्टी50 साप्ताहिक आधार पर 106.50 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 500 से ज्यादा अंक टूट गया और सेंसेक्स में 1,500 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई।

यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर कड़े सैन्य हमले हो सकते हैं। हालांकि, दिन के अंत तक बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली।

निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में से एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, एनटीपीसी और सिप्ला इस सप्ताह के सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।

व्यापक बाजारों में, बीएसई मिडकैप 150 ने बेंचमार्क की तुलना में खराब प्रदर्शन किया और सप्ताह-दर-सप्ताह 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीएसई स्मॉलकैप 250 ने इस ट्रेंड के उलट 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

सेक्टर के हिसाब से रियल्टी, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर में क्रमशः करीब 3 प्रतिशत, 2.7 प्रतिशत और 1 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं मेटल, पावर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और ये टॉप लूजर्स में शामिल रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्ते में भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और करेंसी में स्थिरता देखने को मिल सकती है, जिससे बाजार को राहत मिलेगी। वहीं अगर तनाव बढ़ता है, तो विदेशी निवेश पर दबाव बना रहेगा और बाजार में कमजोरी जारी रह सकती है।

फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।

आने वाले हफ्ते में बाजार कई अहम घटनाओं पर नजर रखेगा, जिसमें आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति का फैसला, अमेरिका की एफओएमसी बैठक के मिनट्स (8 अप्रैल) और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों की शुरुआत शामिल है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को 'गुड फ्राइडे' के चलते शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार बंद हैं। अब बाजार सोमवार को खुलेंगे, क्योंकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है।

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