बंगाल में राज्य प्रायोजित बर्बरता: कसबा लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप पर भाजपा का तीखा हमला

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में कोलकाता के कसबा लॉ कॉलेज में घटित एक दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र करते हुए इसे “राज्य प्रायोजित बर्बरता” करार दिया। यह घटना 25 जून की रात को हुई, जब कॉलेज की 24 वर्षीय छात्रा को कॉलेज यूनियन रूम में बुलाकर उसके साथ करीब तीन घंटे तक सात टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मिलकर सामूहिक बलात्कार किया।
पीड़िता ने जो बयान दिया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। आरोपियों ने पहले कॉलेज गार्ड को बाहर भगा दिया ताकि कोई हस्तक्षेप न कर सके। फिर यूनियन की बैठक का बहाना बनाकर छात्रा को यूनियन रूम में बुलाया और
"यूनिट और यूनियन के प्रति वफादारी"
पर बात करने का दिखावा किया। इसके बाद हॉकी स्टिक से उसे पीटा गया और बेहद बर्बर तरीके से उसके साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता को दमे का दौरा आया, लेकिन आरोपी उसे अस्पताल तक नहीं ले गए। उल्टे उसे धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके बॉयफ्रेंड और परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
डॉ. पात्रा ने खुलासा किया कि इस घटना में जो प्रमुख आरोपी हैं, वे सभी तृणमूल कांग्रेस से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इनमें मनोजित मिश्रा, जो कि टीएमसी की छात्र इकाई का पूर्व सचिव है, जायद अहमद और प्रमित मुखर्जी प्रमुख नाम हैं। इन सभी के संबंध टीएमसी के बड़े नेताओं से रहे हैं और मनोजित मिश्रा की कई तस्वीरें पार्टी के प्रभावशाली नेता अभीषेक मुखर्जी के साथ सामने आई हैं, जो टीएमसी के संगठनात्मक कनेक्शन को उजागर करती हैं।
संबित पात्रा ने ममता बनर्जी की चुप्पी पर भी तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब राज्य की मुख्यमंत्री स्वयं एक महिला हैं, तब भी वे बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं पर मौन क्यों हैं? उन्होंने इसे महिला सुरक्षा पर बंगाल सरकार की विफलता बताया और कहा कि ममता सरकार में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है।
टीएमसी नेताओं के असंवेदनशील और अमानवीय बयानों को उजागर करते हुए डॉ. पात्रा ने बताया कि पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “अगर क्लासमेट ने क्लासमेट का रेप कर दिया, तो हम क्या कर सकते हैं?” यह बयान बंगाल में महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को सामान्य घटना साबित करने की एक भयानक कोशिश है। इससे पहले भी टीएमसी ने पार्क स्ट्रीट, संदेशखाली और आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज जैसे मामलों में भी बलात्कार को साधारण घटना बताने की कोशिश की है।
इस गंभीर घटना के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी कोलकाता पहुंचकर घटना स्थल का दौरा किया और एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें सत्यपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, विप्लव देव और मनन मिश्रा को शामिल किया गया है। यह समिति जमीनी स्तर पर जांच कर रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी।
संबित पात्रा ने यह भी कहा कि जब सरकार अपने मंत्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस लगा सकती है, तो हर महिला की सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित कर सकती? क्या अब हर लड़की के पीछे एक पुलिसकर्मी नियुक्त करना पड़ेगा? यह सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर पूरी तरह से विफल रही है।





