नारी शक्ति के हित में राज्य सरकार ने लिए कई ऐतिहासिक निर्णय : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आधी आबादी के योगदान
के बिना देश और प्रदेश सशक्त नहीं बन सकता इसलिए प्रदेश सरकार नारी शक्ति
के उत्थान और चहुमुखी विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को बराबर के अधिकार और
अवसर मिलना आवश्यक है।
शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास
पर राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं का आरक्षण बढ़ाकर 50
प्रतिशत करने पर नारी शक्ति द्वारा अभिनन्दन और आभार समारोह को सम्बोधित कर
रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में आयी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को
पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आभार जताया। शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण
आर्थिक स्वतंत्रता तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह सामाजिक, शैक्षिक और
राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने की बात करता है
क्योंकि महिलाएं सशक्त होंगी तो वे परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण
योगदान देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में
प्राचीन काल से ही नारी शक्ति को आदर और सम्मान दिया जाता है। हम शक्ति के
लिए मां दुर्गा, विद्या के लिए मां सरस्वती और धन के लिए मां लक्ष्मी की
आराधना करते हैं। हमारे जीवन में भी मां, बहन, बेटी, पत्नी और अन्नपूर्णा
के रूप में नारी का अहम स्थान है।
शर्मा ने कहा कि हमारी
बहन और बेटियां देश और प्रदेश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं इसके
लिए सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण 30 से
बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने सहित कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्रदेश के 73 लाख
परिवारों की महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेण्डर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मातृ वन्दन योजना के तहत गर्भवती और धात्री महिलाओं को दी
जाने वाली राशि भी बढ़ाकर 6500 रुपये कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने
कहा कि ‘लाडो प्रोत्साहन’ योजना में गरीब परिवारों में बालिकाओं के जन्म पर
1 लाख रुपये का सेविंग बॉन्ड देने, पंचायती राज, नगरीय निकाय तथा आंगनबाड़ी
कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने के साथ ही साथिन
कार्यकर्ताओं का मानदेय भी बढ़ाया गया है।
शर्मा ने कहा कि
पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में प्रदेश महिला अत्याचार के मामलों में
अव्वल हो गया था। महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस करती थीं लेकिन हमारी
सरकार ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘एंटी रोमियो
स्क्वाड’ का गठन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के
युवा चिंता ना करें, सरकार बेटियों के साथ ही उन्हें भी आगे बढ़ने के पूरे
अवसर उपलब्ध करवाएगी। आगामी दिनों में राज्य के विभिन्न विभागां में रिक्त
पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित कर उन्हें भरा जाएगा।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में भी युवाओं को
रोजगार के भरपूर अवसर मिलेंगे।
शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी का सपना है कि देश की आधी आबादी सशक्त और मजबूत बने इसलिए
उन्होंने देश की 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है।
‘सुकन्या समृद्धि’ योजना के तहत 3.2 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं। इसके साथ
ही ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर शौचालय का निर्माण कर महिलाओं को खुले में
शौच से मुक्ति दी गई है और अब तो प्रधानमंत्री आवास योजना में भी आवास
महिलाओं के नाम ही आवंटित किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत
को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने में
नारी शक्ति की अहम भूमिका है। राज्य सरकार विकसित राजस्थान और विकसित भारत
के लिए नारी शक्ति के हित में निरंतर फैसले करती रहेगी।
इस दौरान
बालिका पूजा पुरी गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को वुड बर्न आर्ट से बनाया हुआ
चित्र भेंट किया। समारोह में आई महिलाओं और बालिकाओं ने मुख्यमंत्री के साथ
शेल्फी भी ली।





