राज्य उपभोक्ता आयोग : एक नंबर की बीमा पॉलिसी दो उपभोक्ताओं को विक्रय, क्लेम हुआ तब खुली पोल

जोधपुर : पॉलिसी बाजार की साइट से ऑनलाइन खरीदी गई बीमा पॉलिसी उपभोक्ता को उस वक्त भारी पड़ गई जब दुर्घटना के पश्चात दावा प्रस्तुत करने पर ज्ञात हुआ कि खरीदी गई पॉलिसी नकली एवं डुप्लीकेट जारी हुई थी।
राज्य आयोग के समक्ष यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी एवं नेशनल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने जिला आयोग जालोर के निर्णय के विरुद्ध अपील प्रस्तुत करते हुए बताया कि जालोर निवासी उपभोक्ता कानाराम टोयोटा वाहन का बीमा पूर्व में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से लगातार करवा रहा था।
वर्ष 2021 में उसने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के बजाय नेशनल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से बीमा ऑनलाइन पॉलिसी बाजार से लिया तथा पूर्व में कोई क्लेम नहीं लेने के आधार पर उसे नो क्लेम बोनस 50 फीसदी छूट भी प्राप्त हुई। उपभोक्ता ने वाहन का बीमा करवाने के लिए 4712 रुपए का भुगतान किया। वाहन जून 2022 में दुर्घटनाग्रस्त हो गया तथा मरम्मत खर्च के 335973 खर्च हुए।
उपभोक्ता ने नेशनल इंश्योरेंस के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत किया कंपनी ने दावा प्राप्त होने पर उपभोक्ता को मात्र 69729 रुपए का भुगतान किया। उपभोक्ता ने जिला आयोग जालोर में बकाया राशि के लिए परिवाद पेश किया जिला आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए समस्त राशि उपभोक्ता को अदा करने के आदेश दिए।
बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने जिला आयोग के आदेश के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील पेश करते हुए बताया कि दावा प्रस्तुत होने पर बीमा कंपनी ने पूर्व में पॉलिसी जारी करने वाली बीमा कंपनी यूनाइटेड इंश्योरेंस से नो क्लेम बोनस के संबंध में जानकारी चाही तो प्रथम तौर पर पॉलिसी झूठी पाई गई।
कंपनी ने एनसीबी की छूट गलत लेने पर बीमा कंपनी को पॉलिसी निरस्त करने का अधिकार है बावजूद इसके वाहन की क्षति का सर्वेयर से सर्वे करवाने पर देय योग्य राशि 70640 रु पए हुई थी जो उपभोक्ता को अदा कर दी गई।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस की ओर से बहस में कहा गया कि बीमा कंपनी की जानकारी में आने पर उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक जालोर को रिपोर्ट पेश की गई। अन्य किसी कंपनी ने पूर्व पॉलिसी में कूटरचना की है तो उसके लिए कंपनी दोषी नहीं है।
नेशनल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के पॉलिसी लेने पर उसकी जिम्मेदारी थी कि जी आर 27 के अनुसार 15 दिवस में पूर्व की पॉलिसी की जांच कर सकते थे। दोनों कंपनियों ने आयोग के निर्णय को वापस करने की प्रार्थना की पॉलिसी बाजार की ओर से बहस में बताया गया कि उसकी वेबसाइट से 2021 में कोई पॉलिसी नहीं ली गई इसलिए उसका कोई सेवा दोष नहीं है।





