राजस्थान में रेल संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण तथा यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित
जयपुर,। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट में भारतीय रेलवे के
लिए किए गए प्रावधानों पर वीडियों कान्फ्रेंसिंग से चर्चा की। उन्हाेंने
बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गत 10 वर्षों में रेलवे के विकास के
लिए रणनीति में बदलाव कर अधिकाधिक निवेश पर बल दिया गया है जिससे रेलवे पर
संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं पर
विशेष ध्यान दिया गया है।
वर्ष 2024-25 में रेलवे को 2,62,200 करोड़ रूपए के
बजट का प्रावधान किया गया है जो अभी तक का सर्वाधिक है। रेलवे में संरक्षा
को सुदृढ़ करने के लिए इस बजट में 108 हजार करोड़ करोड़ रुपए का आंवटन किया
गया है। रेलमंत्री ने संरक्षा को रेलवे का महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा
कि गत वर्ष भारतीय रेलवे पर सरंक्षा सम्बंधित मदों पर 98 हजार करोड़ का व्यय
किया गया है।
वैष्णव ने बताया कि राजस्थान राज्य बहुत बड़ा प्रदेश
है और सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण राज्य है। वर्ष 2009-14 तक
राजस्थान को औसत बजट मात्र 682 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष मिलता था जिसे
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 के बजट में लगभग 10 हजार करोड
रूपए (9782 करोड़ रूपए) प्रदान किए गए है जो अभी तक का सर्वाधिक बजट आवंटन
है। राजस्थान में रेल कार्य बहुत तेजी से हो रहे हैं। राजस्थान में वर्तमान
में 51,814 करोड़ रूपए के कार्य प्रगति पर है। राजस्थान के 85 रेलवे
स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही गत
10 वर्षों में राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर 1475 फ्लाईओवर और अंडरपास का
निर्माण किया गया है।
रेलमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे पर कवच
प्रणाली से संबंधित कार्यों को पूरा कर लिया गया है और आरडीएसओ द्वारा कवच
4.0 वर्जन को अंतिम रूप दिया गया है, अब इस अत्यानुधिक कवच प्रणाली को
विभिन्न रेलमार्गों पर लगाए जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कवच
प्रणाली को स्थापित करने में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने, टावर लगाने, डेटा
सेन्टर स्थापित करने और आरएफआईडी डिवाइस लगाने जैसे कार्य किए जाते है,
जिससे इसमें समय लगता है। भारतीय रेलवे पर लगभग 3000 किलोमीटर रेलमार्ग पर
कवच प्रणाली लगाई जा चुकी है।
अमृत भारत ट्रेन के बारे में
रेलमंत्री ने बताया कि 50 ट्रेनें स्वीकृत की गई है जिनका उत्पादन किया जा
रहा है। अमृत भारत ट्रेन संरक्षा दृष्टि से परिपूर्ण है तथा यह पूरी तरह से
नान एसी ट्रेन है जिसमें 11 स्लीपर व 11 साधारण श्रेणी के डिब्बें होगे।
इसके अतिरिक्त लगभग सात से 10 दिन में एक वंदे भारत ट्रेन का उत्पादन हो
रहा है। रेल दुर्घटनाओं के सम्बंध में बताया कि रेल दुर्घटनाए माननीय
संवेदनाओं का विषय है तथा प्रत्येक जीवन कीमती है इसको मानकर हम कार्य कर
रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेल दुर्घटनाओ में 60 प्रतिशत कमी आई है।
महाप्रबंधक-उत्तर
पश्चिम रेलवे अमिताभ ने कहा कि राजस्थान में इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों के
लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है तथा रेल परियोजनाओं के लिए आवश्यक
जमीन के लिए भूमि अधिग्रहण में राज्य सरकार का सहयोग मिल रहा है। राजस्थान
में रेल विकास के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ नियमित मीटिंग कर
रेल कार्यों की प्रगति को सुनिश्चित किया जा रहा है। इस दाैरान अपर
महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी सहित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।





