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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:19 · नई दिल्ली संस्करण

पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर खुला ‘अर्पण केंद्र’, सीएम रेखा गुप्ता ने किया शुभारंभ

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर खुला ‘अर्पण केंद्र’, सीएम रेखा गुप्ता ने किया शुभारंभ

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर ‘अर्पण केंद्र’ का शुभारंभ किया। यह पहल दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) एवं दिल्ली मेट्रो लेडीज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के सहयोग से शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पुराने उपयोग योग्य वस्त्रों का संग्रह, रीयूज, रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से वस्त्र दान प्रक्रिया का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित दिल्ली का निर्माण केवल सड़कों, पुलों और मेट्रो लाइनों से नहीं होता, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों, संसाधनों के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक भावना से होता है। जब अपशिष्ट को संसाधन में बदला जाता है और विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण सुनिश्चित किया जाता है, तभी वास्तविक अर्थों में विकसित समाज का निर्माण होता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पुराने वस्त्रों का रीसाइक्लिंग केवल कचरा कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जल, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का भी प्रभावी उपाय है। प्रत्येक नागरिक द्वारा दान किया गया एक वस्त्र पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

उन्होंने बताया कि इस परिकल्पना के तहत दिल्ली मेट्रो के 10 प्रमुख स्टेशनों पर ये केंद्र स्थापित किए जा रहे है। जिसमें पहले चरण के तहत आज 5 प्रमुख स्टेशनों, शालीमार बाग, पंजाबी बाग वेस्ट, मयूर विहार फेस-1, शाहदरा और रोहिणी वेस्ट पर अर्पण केंद्रों की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित हो चुका है। सभी चयनित मेट्रो स्टेशनों पर टेक्सटाइल कलेक्शन-कम-सेल कियोस्क स्थापित किए जा रहे हैं, जहां नागरिक अपने उपयोग योग्य पुराने वस्त्र दान कर सकेंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए वस्त्र दान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाया गया है। दानकर्ता क्यूआर कोड आधारित प्रणाली के माध्यम से आसानी से अपने पुराने कपड़े दान कर सकेंगे और उन्हें डिजिटल रिसिप्ट भी प्राप्त होगी। इससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। इन केंद्रों के संचालन, वस्त्रों के संग्रहण, पृथक्करण, पुनर्चक्रण और अपसाइक्लिंग की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उनके लिए सम्मानजनक आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण का यह समन्वित मॉडल दिल्ली के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली सरकार सदैव ऐसे इनोवेशन को प्रोत्साहित करती रहेगी जो पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, रोजगार सृजन तथा जनभागीदारी को एक साथ आगे बढ़ाते हों। यह पहल देश में सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करने और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को व्यवहारिक रूप देने का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्हाेंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने घरों में रखे उपयोग योग्य पुराने कपड़ों को अर्पण केंद्रों तक अवश्य पहुंचाएं। नागरिकों का एक छोटा-सा योगदान न केवल लैंडफिल में जाने वाले टेक्सटाइल कचरे को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के संरक्षण और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य ऐसा ‘दिल्ली मॉडल’ विकसित करना है, जहां कचरा नहीं बल्कि संसाधन दिखाई दें, उपभोग नहीं बल्कि उत्तरदायित्व दिखाई दे और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण राजधानी की पहचान बने। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, दिल्ली मेट्रो लेडीज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान जनभागीदारी के माध्यम से दिल्ली को स्वच्छ, हरित, संवेदनशील एवं टिकाऊ शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर मादीपुर से विधायक कैलाश गंगवाल, डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार, दिल्ली मेट्रो लेडीज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन की अध्यक्ष डॉ. शालिनी सिंह, वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य सम्मानित व्यक्ति उपस्थित थे।

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