सोलर सूक्ष्म सिंचाई योजना छह साल में भी पूरा नहीं, किसान परेशान
धमतरी,। गंगरेल बांध किनारे के गांवों में खेती-किसानी के लिए
बेहतर सिंचाई और पेयजल की व्यवस्था के लिए सोलर सूक्ष्म सिंचाई योजना छह
साल बाद भी अधूरा है, इससे क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है। पीड़ित किसान
व छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्यों का कहना है कि यह कार्य अब तक
अपूर्ण है। इससे किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
डांगीमाचा,
खिड़कीटोला व आसपास जगहों में गर्मी शुरू होने के साथ पेयजल संकट शुरू हो
जाता है। निस्तारी व पेयजल के लिए ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। वहीं समय
पर बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन में किसानों को कई तरह की दिक्कतें उठाना
पड़ता है। जबकि यह गांव सालभर पानी से भरा रहने वाला गंगरेल बांध के किनारे
है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष डाॅ. रोशन साहू, जोहर
छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष निखिलेश देवान, किसान आनंद राम, खेलन राम,
लखन लाल, डा प्रेमूराम सिन्हा, अमित वर्मा, महामंत्री कुंजबिहारी, दीपक राम
ध्रुव, संजय कुमार, विमल का कहना है कि ग्राम डांगीमाचा-खिड़कीटोला में
निवासरत खेतिहर किसानों के लिए स्वीकृत सोलर सूक्ष्म सिंचाई योजना का काम
छह साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है, इससे क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है।
किसानों
ने कलेक्ट्रेट और सिंचाई विभाग में प्रदर्शन कर किसानों के हितों की
अनदेखी करने वाले एजेंंसी को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग की है। 29 जनवरी
2018 को डांगीमाचा में जल संसाधन विभाग द्वारा कोड नंबर-38 को सोलर सूक्ष्म
सिंचाई योजना के लिए कार्य एजेंसी नियुक्ति कर बिलासपुर की कंपनी को 4.50
लाख रुपये की स्वीकृत कर वर्क आर्डर दिया था, लेकिन निर्माण कार्य की गति
काफी धीमी है। छह साल बीत जाने के बाद भी किसानों के लिए बन रही यह योजना
पूर्ण नहीं हो सका है। इसके कारण ग्रामीण पेयजल और सिंचाई की समस्या से जूझ
रहे हैं। जिला प्रशासन से मांग की है कि लंबित कार्य की जांच कराकर
निर्माण एजेंसी के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही कंपनी को ब्लेक लिस्टेड
कर दूसरे एजेंसी को काम दिया जाए, ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके और
किसानों व ग्रामीणों को लाभ मिल सके।





