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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

बैंक धोखाधड़ी में पूर्व DGM समेत छह को 10 साल की सजा, 2.39 करोड़ का मामला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बैंक धोखाधड़ी में पूर्व DGM समेत छह को 10 साल की सजा, 2.39 करोड़ का मामला

चेन्नई। चेन्नई की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट की ओर से बैंक ऑफ इंडिया के एक पूर्व डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) और तमिलनाडु सरकार के तीन कर्मचारियों समेत पांच अन्य लोगों को लगभग 2.39 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में 10 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है।

सीबीआई के अनुसार, गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने छह दोषियों पर कुल 2.70 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया।

दोषी ठहराए गए लोगों में बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व डिप्टी जनरल मैनेजर एन. वेंकटाचलम; शोलिंगनल्लूर तालुक ऑफिस में रिकॉर्ड क्लर्क के तौर पर काम करने वाले एम. शिवकुमार; पझावंथंगल में तत्कालीन विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर टी. दशरथन और तमिलनाडु सरकार के पूर्व विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर एम. मनिचावेलु शामिल हैं।

इस मामले में सजा पाने वाले दो प्राइवेट व्यक्ति ओ.पी. थमारई पू और पी. थंडापानी हैं।

बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के बाद सीबीआई की ओर से 19 मई, 2010 को यह मामला दर्ज किया गया था। जांच करने वालों का आरोप था कि मुख्य आरोपी ई. मुथुस्वामी और अन्य लोगों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर बैंक का पैसा दूसरी जगह लगाने की साजिश रची थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने झूठे और जाली दस्तावेज जमा करके बैंक से कई तरह की क्रेडिट सुविधाएं बेईमानी से हासिल की थीं।

इन लेन-देन से बैंक ऑफ इंडिया को कथित तौर पर 238.97 लाख रुपए का नुकसान हुआ। जांच पूरी करने के बाद, सीबीआई ने 28 दिसंबर, 2011 को 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों में पांच सरकारी कर्मचारी और सात प्राइवेट व्यक्ति शामिल थे। कोर्ट द्वारा दोषी पाए गए छह जीवित आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाए जाने से पहले कई सालों तक मुकदमा चला।

कोर्ट का यह फैसला एक लंबे मुकदमे के बाद आया।

लैंड एंड सर्वे डिपार्टमेंट में सस्पेंड किए गए सीनियर ड्राफ्ट्समैन वी. उमापति के खिलाफ कार्यवाही को अलग कर दिया गया था और उन पर एक अलग मामले (नंबर सीसी 18 ऑफ 2016) में कार्रवाई चल रही है।

सीबीआई के बयान में यह नहीं बताया गया कि किन अपराधों के तहत इन छह लोगों को दोषी ठहराया गया, और न ही धोखाधड़ी वाले लोन अकाउंट और शामिल संपत्तियों के बारे में कोई और जानकारी दी गई।

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