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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

अकाल तख्त के आदेश के समर्थन में आए सिरसा, भगवंत मान पर साधा निशाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अकाल तख्त के आदेश के समर्थन में आए सिरसा, भगवंत मान पर साधा निशाना

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भाजपा मुख्यालय, नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब की राजनीति और सिख धर्म से जुड़े विवाद पर गंभीर आरोप लगाए।

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के पांच सिंह साहिबानों द्वारा यह आदेश जारी किया गया कि कोई भी सिख पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कोई संबंध न रखे।

उन्होंने दावा किया कि यह आदेश एक वीडियो सामने आने के बाद दिया गया है, जिसमें भगवंत मान को गुरु साहिबान के पवित्र स्वरूप पर शराब के छींटे मारते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के सामने आने के बाद दुनियाभर के सिख समुदाय में गहरा रोष और पीड़ा है क्योंकि कोई भी सिख गुरु साहिबान की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सकता।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 5 जनवरी 2026 को अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को बुलाकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। उस समय भगवंत मान ने दावा किया था कि यह वीडियो एआई से बनाया गया है और यह असली नहीं है।

हांलाकि बाद में जब इस वीडियो की फोरेंसिक जांच दो अलग-अलग एजेंसियों से कराई गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो पूरी तरह वास्तविक है।

इसके बाद अकाल तख्त साहिब ने 15 जून 2026 को भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'खालसा पंथ का विरोधी' घोषित करते हुए सिख समुदाय से निष्कासित कर दिया। साथ ही आदेश दिया गया कि दुनिया भर का कोई भी सिख उनसे किसी भी प्रकार का संबंध न रखे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि भगवंत मान की ओर से पश्चाताप के बजाय उनके मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 18 जून 2026 को प्रेस वार्ता कर कहा कि यह वीडियो फर्जी है।

दिल्ली सरकार के मंत्री ने दावा किया कि 1191 फ्रेम की जांच के बाद फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें कहा गया कि वीडियो एआई जनरेटेड नहीं है, हालांकि वीडियो में कुछ हिस्सों को लेकर विवाद बताया गया।

सिरसा ने यह भी आरोप लगाया कि भगवंत मान के करीबी हरियाणा के कमिश्नर स्वपन शर्मा ने जशनदीप एसपी के साथ मिलकर हरप्रीत के माध्यम से गुरुग्राम की फोरेंसिक लैब से जुड़े मामलों पर एक होटल में बैठक की थी।

उन्होंने दावा किया कि इस बैठक में पैसे का लेन-देन हुआ और आम आदमी पार्टी के कथित काले धन के बल पर एक फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई गई, ताकि वीडियो को गलत साबित किया जा सके।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पूरा मामला सिख भावनाओं की अनदेखी का है और कुछ लोग पैसे के दम पर झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों के जरिए अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का प्रयास किया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार के मंत्री कहा कि पंजाब में आज जो मानसिकता दिखाई दे रही है, वह मुगल काल जैसी दमनकारी सोच को दर्शाती है।

उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर भी निशाना साधा। मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि पार्टी और उसके नेता पैसे के दम पर फर्जी रिपोर्ट बनवाकर सिख समुदाय और अकाल तख्त की भावना के खिलाफ काम कर रहे हैं। यह पूरा प्रयास अकाल तख्त की सर्वोच्चता को कमजोर करने की कोशिश है।

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