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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

शाहपुरा जिला बहाली की मांग पर बंद, काला दिवस में उमड़ा जनाक्रोश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शाहपुरा जिला बहाली की मांग पर बंद, काला दिवस में उमड़ा जनाक्रोश

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले में शाहपुरा उपखंड मुख्यालय को पुनः जिला बनाने की मांग को लेकर शनिवार को पूरे कस्बे में बंद रखा गया। शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति के आह्वान पर बाजार, प्रतिष्ठान और निजी संस्थान बंद रहे। अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया। काला दिवस के रूप में मनाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई।संघर्ष समिति अध्यक्ष एडवोकेट दुर्गालाल राजौरा ने कहा कि नौ माह पूर्व जयपुर में हुई वार्ता में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में सरकार ने शाहपुरा को पुनः जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से आमजन में भारी आक्रोश है और अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।दोपहर में महलों के चौक बालाजी की छतरी से वाहन रैली निकाली गई। रैली शांतिपूर्ण नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची, जहां उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम नौवां स्मरणपत्र सौंपा गया। समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि 28 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार ने शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके बाद से प्रत्येक माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाकर सरकार को अपना वादा याद दिलाया जा रहा है। एक वर्ष दो माह बीत जाने के बाद भी मांग पूरी नहीं होने से लोगों में निराशा और रोष दोनों बढ़ते जा रहे हैं।समिति के संयोजक रामप्रसाद जाट, सूर्य प्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक, अजय मेहता, हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, कोषाध्यक्ष उदयलाल बेरवा और सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज सहित कई पदाधिकारी बाजारों में घूमकर जनसमर्थन जुटाते नजर आए।संघर्ष समिति का कहना है कि जिला बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रशासनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। जिले का दर्जा समाप्त किए जाने से लोगों को दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।समिति ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा दिया गया आश्वासन अभी तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही शाहपुरा को पुनः जिला घोषित नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने दो टूक कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि शाहपुरा की जनता का आंदोलन है। जब तक जिले का दर्जा बहाल नहीं होगा, तब तक हर माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराया जाएगा।

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