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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

जज को प्रभावित करने के मामले में सुकेश को झटका, पुलिस ने अर्जी पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
जज को प्रभावित करने के मामले में सुकेश को झटका, पुलिस ने अर्जी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर की ओर से दायर अर्जी की मेंटेनेबिलिटी पर नोटिस जारी किया है। मामले में सुकेश पर आरोप है कि उसने खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर निचली अदालत के जज को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

इस मामले में निचली अदालत पहले ही सुकेश को सजा सुना चुकी है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने उसकी अर्जी पर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 3 नवंबर को करेगा।

यह मामला साल 2017 का है।

उस समय सुकेश चंद्रशेखर एक भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस हिरासत में था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई कर रही विशेष जज पूनम चौधरी को फोन किया था।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने पहले खुद को सुप्रीम कोर्ट के एक जज का निजी सचिव बताया। इसके बाद एक दूसरे व्यक्ति ने खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताते हुए जज पूनम चौधरी पर सुकेश को जमानत देने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की।

फोन करने वाले ने उन्हें एक नंबर भी दिया और उस पर संपर्क करने को कहा।

हालांकि जज पूनम चौधरी इस दबाव में नहीं आईं। उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के संबंधित जज के कार्यालय से मामले की जानकारी ली। वहां से उन्हें पता चला कि संबंधित जज ने ऐसा कोई फोन नहीं किया और जिस व्यक्ति को उनका निजी सचिव बताया गया था, वह भी उनके कार्यालय में काम नहीं करता।

इसके बाद पूरे मामले की शिकायत की गई और पुलिस जांच शुरू हुई।

जांच के बाद सुकेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले में सुनवाई आगे बढ़ी और अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए। जज पूनम चौधरी ने भी अदालत के सामने अपनी गवाही दी और बताया कि किस तरह उन्हें फोन करके सुकेश को जमानत देने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की गई थी।

बाद में निचली अदालत ने सुकेश को इस मामले में दोषी ठहराया और उसे 8 साल की सजा सुनाई।

सुकेश चंद्रशेखर ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें उसे सुप्रीम कोर्ट के फर्जी जज बनकर न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया गया था. लेकिन हाई कोर्ट में पहुंचते ही उसकी याचिका के सामने एक कानूनी सवाल खड़ा हो गया।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब निचली अदालत इस मामले में फैसला सुना चुकी है और सजा भी हो चुकी है तो ऐसे में सुकेश के लिए अर्जी दाखिल करने के बजाय अपील दायर करना सही रास्ता होगा।

हाई कोर्ट ने फिलहाल इस सवाल पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत ने अर्जी की मेंटेनेबिलिटी के मुद्दे पर नोटिस जारी किया है और मामले की आगे की सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख तय की है।

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