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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी गिरफ्तार

नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सोमवार को आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ के सेक्टर 32 ब्रांच में मौजूद हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के खातों से सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में की गई है। अग्रवाल को आज, मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

हरियाणा सरकार के कहने पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया था। जांच में पता चला कि ये खाते हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के मौजूदा नियमों का उल्लंघन करके खोले गए थे और बाद में इनमें तय सीमा से अधिक फंड ट्रांसफर किया गया था। ये खाते उस समय प्रधान सचिव रहे पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे।

जांच से पता चला कि इन विभागों के खातों में धोखाधड़ी वाले लेन-देन के ज़रिए फंड का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ़ ठोस सबूत इकट्ठा किए गए हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने हरियाणा के स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो से जांच अपने हाथ में ली थी। इन दो विभागों में हुए धोखाधड़ी के मामले में लगभग 60.54 करोड़ का गबन शामिल था।

यह मामला सेक्टर 32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा था, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों के 504 करोड़ रुपये की रकम का गबन करके उसे शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) में ट्रांसफर कर दिया गया था।

अब तक सीबीआई ने हरियाणा के इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक/एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

पंचकूला नगर निगम में फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में गिरफ्तार किए गए सीनियर आईएएस अधिकारी आरके सिंह को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

सीबीआई ने केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ से दो और मामले अपने हाथ में लिए हैं। इसमें से एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल)/चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा है और दूसरा सीआरईएसटी चंडीगढ़ से।

सीबीआई ने इन मामलों में एक-एक चार्जशीट भी दाखिल की है।

सीबीआई ने सीएससीएल मामले में पांच बैंकरों, एक अधिकारी और एक प्राइवेट व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। सीआरईएसटी मामले में 5 बैंकरों, 2 अधिकारियों, 4 प्राइवेट व्यक्तियों और 2 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही, एक वरिष्ठ अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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