महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग आत्मरक्षा के लिए जरूरी : एसीपी शर्मा
जोधपुर,। प्रत्येक महिला और बालिका के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग न
केवल स्वयं की आत्मरक्षा के लिये बल्कि आत्मसम्मान के लिए भी आवश्यक है,
वर्तमान में महिलाएं पुरुषों के समकक्ष प्रत्येक कार्य कर रही है तथा
अधिकतर समय घर से बाहर रहती है, ऐसे में सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण सभी
महिलाओं के लिए आवश्यक है। यह विचार एसीपी वेस्ट छवि शर्मा ने
अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण फेडरेशन (आई बी एफ) एवं महिला शक्ति आत्मरक्षा
केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम के समापन
समारोह के अवसर पर रखे।
फ़ेडरेशन की महिला जिलाध्यक्ष
गायत्री उपाध्याय ने बताया कि महिला सिपाही सुशीला एवं निर्मला ने महिलाओं
एवं बालिकाओं को आत्म रक्षा के गुर सिखाए। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष
वरिष्ठ अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने महिलाओं के पक्ष में बने कानूनी
प्रावधानों की जानकारी दी। फ़ेडरेशन के जिलाध्यक्ष राजेश सारस्वत ने बताया
कि 21 से 30 जून तक गायत्री उपाध्याय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड 16
सेक्टर स्थित बड़ा गणेश मंदिर में शिविर आयोजित किया गया जिसमें 65
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रशिक्षण के अलावा साइबर अवयेरनेस,
हेल्पलाइन नंबरो एवं कानूनी अधिकारों के बारे में भी विशेषज्ञों द्वारा
जानकारी दी गयी।
इस मौके पर सारस्वत समाज के अध्यक्ष आरके
ओझा, लाल बून्द जिंदगी संस्थान के अध्यक्ष रजत गौड़, विप्र फाउंडेशन के
जिलाध्यक्ष कैलाश सारस्वत, आईबीएफ के राजेश सारस्वत, नरेश पुरोहित, गौरव
निम्बावत, बजरंग स्वामी,मनीषा, रेखा पंवार, चंचल मकवाना, पायल, किरण एवं
अन्य मौजूद रहे।
सर्वश्रेष्ठ 20 बालिकाओं को किया पुरस्कृत :
सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण प्राप्त सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान
किए गए तथा प्रशिक्षण के दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 20 महिलाओं को
मोमेंट देकर सम्मानित किया गया।





