पर्यावरण वैज्ञानिक एकलव्य शर्मा को पद्मश्री की घोषणा पर उत्साहित उत्तर बंगाल
दार्जिलिंग,
27 जनवरी । प्रख्यात पर्यावरण वैज्ञानिक एकलव्य शर्मा को पद्मश्री
की घोषणा से काफी उत्साह देखा जा रहा है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उनके
नाम की घोषणा की। उन्हें मुख्य रूप से हिमालय और तलहटी के पर्यावरण,
पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और संस्कृति पर शोध में उनके योगदान के
लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है।
इस घोषणा से
उत्साहित एकलव्य शर्मा ने कहा कि मैं अभिभूत हूं। मेरे 40 साल लंबे करियर
का लक्ष्य हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करना रहा
है। मैं भविष्य में इस कार्य को और आगे ले जाने का प्रयास करूंगा।
सिलीगुड़ी
नगर पालिका के वार्ड नंबर 46 के निवासी एकलव्य शर्मा को शनिवार सुबह
सिलीगुड़ी विधायक शंकर घोष ने बधाई दी। विधायक शंकर घोष ने कहा, ''हमें
खुशी है कि उत्तर के एक वैज्ञानिक और पर्यावरणविद को पद्मश्री जैसा सम्मान
मिला है। हिमालय और हिंदूकुश पर्वत पर उनका शोध एक अनूठी मिसाल है। भविष्य
में उनका योगदान क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास और पर्यावरण की सुरक्षा
एक निर्विवाद भूमिका निभाएगी।"
एकलव्य शर्मा का जन्म
कार्शियांग में हुआ था। उन्होंने सेंट अल्फांसो स्कूल, कार्शियांग से हायर
सेकेंडरी उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय चले
गए। उन्होंने वहीं से पीएचडी की। इसके बाद उन्होंने नेपाल की राजधानी
काठमांडू में इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट में उप
महानिदेशक का पद संभाला। फिर जीबी पंत हिमालय पर्यावरण संस्थान, सिक्किम
में प्रधान शोधकर्ता के पद पर रहे।
वह भारतीय विज्ञान अकादमी के शोध
अध्येताओं में से एक हैं। बाद में उन्होंने दिल्ली की टेरी यूनिवर्सिटी के
कुलपति का पद भी संभाला। वर्तमान में, वह राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण
संस्थान, जीपी पंथ विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय
एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र के मुख्य सलाहकार हैं।





