सुप्रीम कोर्ट का फैसला- दोबारा नहीं होगी नीट की परीक्षा, फिलहाल पवित्रता भंग होने के सबूत नहीं
नई
दिल्ली, । सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नीट की परीक्षा
दोबारा नहीं होगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने
कहा है कि इस बात के पुख्ता सबूत नहीं हैं कि पूरी परीक्षा प्रभावित हुई
है। सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग
वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। आईआईटी दिल्ली से प्रश्न संख्या 19 का
सही जवाब तय किये जाने के बाद कोर्ट ने विकल्प 4 को सही मानकर दोबारा
रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया।
दरअसल, नीट की 5 मई को हुई परीक्षा
में प्रश्न संख्या 19 के दो जवाब सही थे, उसका सही जवाब तय करने के लिए
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 22 जुलाई को आईआईटी दिल्ली के निदेशक को
निर्देश दिया था कि एक्सपर्ट कमेटी का गठन करके मंगलवार को दोपहर तक सही
जवाब तय करें। दरअसल, सुनवाई के दौरान एक छात्र ने कहा था कि नीट के पेपर
में प्रश्न संख्या 19 के सवाल का जिन लोगों ने उत्तर दिया था, उनको एनटीए
ने उसके चार मार्क्स दिए। उसने कोर्ट को बताया कि उसे कुल 711 मार्क्स मिले
हैं, अगर उसे भी उस प्रश्न के मार्क्स मिले होते तो उसके कुल 715 हो जाते।
प्रश्न संख्या 19 का सही जवाब तय किये जाने के बाद आज कोर्ट ने आईआईटी
दिल्ली की रिपोर्ट के मुताबिक विकल्प 4 को सही मानकर दोबारा रिजल्ट जारी
करने का आदेश दिया। इससे लाखों छात्रों की रैंकिंग पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने
कहा कि नीट का रिजल्ट दोबारा जारी होगा।
कोर्ट ने कहा कि पटना और
हजारीबाग में पेपर लीक की घटनाएं हुईं लेकिन इससे आगे पेपर लीक का कोई
साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर नीट की परीक्षा दोबारा करने के आदेश
दिए जाते हैं तो करीब 23 लाख परीक्षार्थियों पर इसका असर होगा और सारा
शेड्यूल गड़बड़ा जाएगा।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि नीट परीक्षा में सिस्टेमेटिक गड़बड़ी की गई थी।
उल्लेखनीय है कि नीट की परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी और रिजल्ट 4 जून को घोषित किए गए थे।





