सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को मलेशिया के नस्लवाद विरोधी सम्मेलन में हिस्सा लेने की अनुमति दी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को मलेशिया में होने वाले नस्लवाद विरोधी सम्मेलन में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी है। जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने तीस्ता को दस लाख रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया।कोर्ट ने तीस्ता को 31 अगस्त से 10 सितंबर तक मलेशिया में नस्लवाद विरोधी सम्मेलन में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि तीस्ता तय समय के बाद भारत वापस लौटेंगी और अपना पासपोर्ट सरेंडर करेंगी।19 जुलाई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को फंसाने की साज़िश रचने और झूठे सबूत गढ़ने के मामले में तीस्ता सीतलवाड़ को जमानत दी थी। तीस्ता को 2002 के गुजरात दंगे के मामले में फर्जी दस्तावेज के जरिये फंसाने के मामले में 26 जून 2022 को गिरफ्तार किया गया था।अहमदाबाद के सेशंस कोर्ट ने 30 जुलाई, 2022 को यह कहते हुए तीस्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि उसने गुजरात सरकार को अस्थिर और बदनाम करने की नीयत से काम किया। सेशंस कोर्ट ने कहा था कि जाकिया जाफरी की ओर से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के खिलाफ तीस्ता के कहने पर ही शिकायत की गई थी। तीस्ता ने मोदी के खिलाफ जाकिया जाफरी का इस्तेमाल किया था।





