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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:46 · नई दिल्ली संस्करण

ईरान ने नहीं छोड़ा परमाणु कार्यक्रम तो जारी रहेंगे प्रतिबंध: फ्रांस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ईरान ने नहीं छोड़ा परमाणु कार्यक्रम तो जारी रहेंगे प्रतिबंध: फ्रांस

पेरिस/तेहरान। फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ने की घोषणा नहीं करता, तब तक उस पर लगे प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं दी जाएगी।

सोमवार को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने फ्रांसीसी मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम का त्याग किए बिना उस पर लगे प्रतिबंध हटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

पिछले महीने भी बारो ने कहा था कि फ्रांस ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर होने वाली वार्ताओं में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की शर्तों से संतुष्ट हुए बिना पेरिस संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध हटाने का समर्थन नहीं करेगा।

फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और उसके पास वीटो का अधिकार भी है।

उधर, तेहरान में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मीडिया से कहा कि ईरान ने हर वार्ता में गंभीरता और पूरी जिम्मेदारी के साथ हिस्सा लिया है तथा हमेशा देश के हितों और जनता की चिंताओं को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा, "जब भी कोई समझौता हुआ, ईरान ने सद्भावना के साथ अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने कभी भी सबसे पहले अपने वादों का उल्लंघन नहीं किया।"

बाघेई ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका युद्ध समाप्त करने संबंधी अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता, तो ईरान भी अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का पालन नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, "जब भी दूसरे पक्ष ने अपने दायित्वों को पूरा नहीं किया, हमने भी अपने दायित्वों का पालन नहीं किया।

आगे भी हमारा रुख यही रहेगा।"

बाघेई ने इस दौर दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत मामले में न्याय की उम्मीद करना ईरानी सरकार का एक गंभीर और मूलभूत सिद्धांत है।

उन्होंने कहा, "सरकार की इस संबंध में स्पष्ट जिम्मेदारी है। विदेश मंत्रालय भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है।"

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