मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:42 · नई दिल्ली संस्करण

संचार साथी ऐप अनिवार्य नहीं, यूजर्स आसानी से मोबाइल से कर सकते हैं डिलीट : ज्योतिरादित्य सिंधिया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
संचार साथी ऐप अनिवार्य नहीं, यूजर्स आसानी से मोबाइल से कर सकते हैं डिलीट : ज्योतिरादित्य सिंधिया

नई दिल्ली। संचार साथी ऐप पर विवाद के बीच, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि यह ऐप अनिवार्य नहीं है और यूजर चाहे तो इसे आसानी से अपने मोबाइल से डिलीट कर सकते हैं या फिर पंजीकरण कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

मीडिया से बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम जनता की सुरक्षा करना है।

जैसे-जैसे संचार की सुविधा आम लोगों तक पहुंची है। कुछ लोग इसका इस्तेमाल लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए कर रहे हैं और इसे रोकने में संचार साथी काफी मददगार साबित हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि संचार साथी ऐप के माध्यम से जन भागीदार के जरिए आज तक करीब 1.75 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शनों को रद्द किया गया है। इससे करीब 7.5 लाख चोरी मोबाइल फोन को उपभोक्ताओं के पास पहुंचाया है। साथ ही 21 लाख मोबाइल कनेक्शनों को उपभोक्ताओं की रिपोर्टिंग के आधार पर काटा गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संचार साथी का इस्तेमाल पूरी तरह से उपभोक्ता पर निर्भर करता है।

यूजर चाहे तो उसे अपने मोबाइल में पंजीकरण के माध्यम से एक्टिव कर सकता है या जरूरत न होने पर उसे अपने मोबाइल से हटा (डिलीट) भी कर सकता है।

सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब भारत में उपयोग के लिए निर्मित या आयातित सभी नए मोबाइल हैंडसेटों पर संचार साथी मोबाइल एप्लीकेशन को पहले से इंस्टॉल करने के केंद्र के फैसले को गोपनीयता के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा था।

28 नवंबर को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मोबाइल निर्माताओं और आयातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पहले से इंस्टॉल किया गया संचार साथी एप्लीकेशन अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए पहली बार उपयोग या डिवाइस सेटअप के समय आसानी से दिखाई दे और सुलभ हो और इसकी कार्यक्षमताएं अक्षम या प्रतिबंधित न हों।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें