मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

रूसी उप प्रधानमंत्री मंटुरोव दिल्ली में, रक्षा-ऊर्जा और व्यापार पर होगी अहम बातचीत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रूसी उप प्रधानमंत्री मंटुरोव दिल्ली में, रक्षा-ऊर्जा और व्यापार पर होगी अहम बातचीत

नई दिल्ली। रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अन्य कई द्विपक्षीय मुद्दों पर उच्च स्तरीय चर्चा के लिए गुरुवार तड़के नई दिल्ली पहुंचे। पालम हवाई अड्डे पर डेनिस का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

विदेश मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा, " रूसी संघ के प्रथम उपाध्यक्ष और भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सांस्कृतिक सहयोग) के सह अध्यक्ष डेनिस मंटुरोव का नई दिल्ली में हार्दिक स्वागत।

इस यात्रा के दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परामर्श करेंगे और अन्य द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे।

अधिकारियों के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से संबंधित घटनाक्रम भी चर्चा का प्रमुख विषय रहने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मंटुरोव अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है।

अमेरिकी प्रतिबंधों में एक महीने की छूट के बाद रूस हाल के हफ्तों में एक बार फिर भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है।

इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रूसी उप विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको ने 30 मार्च को नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता की, जहां दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया था।

दोनों पक्षों ने पिछले दिसंबर में नई दिल्ली में आयोजित भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का भी मूल्यांकन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था।

भारत में मंटुरोव की मुलाकातों में पश्चिम एशिया संघर्ष के व्यापक आर्थिक प्रभाव, विशेष रूप से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और दोनों देशों पर इसके प्रभावों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें