मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:40 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में नियोजित शिक्षकों के सक्षमता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता पर मचा बवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

सक्षमता परीक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे शिक्षक

पटना। बिहार में नियोजित शिक्षकों के सक्षमता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता पर बवाल मच गया है। नियोजित शिक्षक हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। प्रदेश के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षक सड़क पर फिर उतर सकते हैं।

शिक्षा विभाग के अपर प्रमुख सचिव केके पाठक ने नियोजित शिक्षकों के लिए शनिवार को एक नया आदेश जारी किया गया था। इसमें यह कहा गया है कि अगर नियोजित शिक्षक तीन बार ली जाने वाली सक्षमता परीक्षा में नहीं बैठते हैं, तो इन्हें अपने नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। नौकरी बची रहे इसके लिए एक बार पास होना जरूरी है। केके पाठक के इस आदेश के बाद शिक्षक संघ ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। शिक्षक संघ के नेता राजू सिंह का कहा कहना है कि शिक्षा विभाग का यह फैसला शिक्षक नियोजन नियमावली के उलट है। राजू सिंह ने कहा कि विभाग और सरकार के इस आदेश को हम लोग हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

बता दें बिहार में नियोजित शिक्षकों की संख्या करीब साढ़े तीन लाख है। दो दिन पहले यानी 1 फरवरी को सक्षमता परीक्षा को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया था। इसका अध्यक्ष केके पाठक को बनाया गया है। इस कमेटी में इरएइ के अध्यक्ष आनंद किशोर, सज्जन आर.(निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद), कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव (निदेशक, प्राथमिक/माध्यमिक शिक्षा) शामिल होंगे। सक्षमता परीक्षा में फेल होने वाले या एग्जाम में शामिल नहीं होने वाले उन अभ्यर्थियों को लेकर कमेटी विचार करेगी। विचार करने के बाद कमेटी हफ्ते भर में अपनी अनुशंसा राज्य सरकार को सौंपेगी। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की ओर इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें