बृजभूषण शरण सिंह कोर्ट में पेश हुए, सुनवाई टली, अब 11 जुलाई को होगी सुनवाई
नई
दिल्ली, । महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह
मंगलवार को दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पेश हुए। लेकिन दिल्ली पुलिस
की ओर से पेश होने वाले वकील की तबीयत खराब होने से वे उपस्थित नहीं हो
सके, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई। एडिशनल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका
राजपूत ने बृजभूषण शरण की ओर से यात्रा और कॉल डिटेल रिपोर्ट समेत दूसरे
दस्तावेज की मांग करने वाली अर्जी पर अब 11 जुलाई को सुनवाई करने का आदेश
दिया।
बृजभूषण शरण सिंह की ओर से 1 जून को पेश वकील ने
यात्रा, कॉल डिटेल रिपोर्ट और दूसरे दस्तावेज की मांग की थी। बृजभूषण की इस
अर्जी का दिल्ली पुलिस ने विरोध करते हुए कहा था कि दस्तावेज तलब करने की
आड़ में दोबारा जांच की मांग की जा रही है, जिसका निर्देश नहीं दिया जा
सकता है।
बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर ने 21 मई को कोर्ट से कहा
था कि वे ट्रायल का सामना करेंगे। दोनों ने कोर्ट से तय आरोपों को स्वीकार
करने से इनकार करते हुए कहा कि कोई गलती नहीं की है तो मानने का सवाल ही
नहीं है। सुनवाई के दौरान विनोद तोमर ने कोर्ट में कहा कि हमारे पास सबूत
हैं। अगर दिल्ली पुलिस सही से जांच करती तो सच सामने आता। हमने कभी किसी को
घर पर नहीं बुलाया, जो सच है वह सामने आएगा।
कोर्ट ने इसी साल 10
मई को छह में से पांच महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों पर बृजभूषण
शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था, जबकि एक महिला पहलवान के
आरोपों के मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया था। कोर्ट ने पांच
महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय
दंड संहिता की धारा 354, 354ए और 506 के तहत आरोप तय किये हैं। कोर्ट ने
इस मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भारतीय
दंड संहिता की धारा 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।





