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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:15 · नई दिल्ली संस्करण

2.86 करोड़ की सड़क बनी भ्रष्टाचार की मिसाल, गाछपाड़ा-नूनिया टोली मार्ग बदहाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
2.86 करोड़ की सड़क बनी भ्रष्टाचार की मिसाल, गाछपाड़ा-नूनिया टोली मार्ग बदहाल

किशनगंज। बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के दावे कर रही है, लेकिन किशनगंज जिले का गाछपाड़ा-नूनिया टोली मार्ग इन दावों की जमीनी हकीकत उजागर करता नजर आ रहा है।करीब 2 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से निर्मित 2.700 किलोमीटर लंबी यह सड़क महज कुछ वर्षों में ही बदहाल होकर भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बन गई है। सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं, डामर गायब हो चुका है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। जानकारी के अनुसार इस सड़क का निर्माण मार्च 2021 में पूरा हुआ था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ठेकेदार अंजार आलम को दी गई थी।योजना के तहत दावा किया गया था कि सड़क पांच वर्षों तक बेहतर स्थिति में रहेगी तथा इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित ठेकेदार की होगी।मेंटेनेंस मद में लगभग 22.78 लाख रुपये निर्धारित किए गए थे। नियमानुसार मार्च 2026 तक सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने और मरम्मत कराने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी एवं ठेकेदार पर थी।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की परत उखड़ने लगी थी। भारी वाहनों के परिचालन के साथ सड़क जगह-जगह धंसने लगी और गड्ढों में तब्दील हो गई। शिकायतों के बाद एक बार मरम्मत कार्य जरूर कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के किशनगंज दौरे से पहले सड़क की जल्दबाजी में मरम्मत कर बदहाल स्थिति को छिपाने की कोशिश की गई थी। दौरा समाप्त होते ही सड़क फिर से टूटकर जर्जर हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े एवं भारी वाहन गुजरते हैं, ऐसे में सड़क निर्माण मजबूत आधार और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और तकनीकी मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।बरसात के दिनों में गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। आए दिन बाइक सवार एवं राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इधर, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता विद्यानंद प्रसाद ने बताया कि सड़क को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया गया है तथा जल्द ही इसके निर्माण एवं मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।

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