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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:43 · नई दिल्ली संस्करण

कांस्टेबल भर्ती के उम्मीदवार की दो साल में घट गई हाइट!

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कांस्टेबल भर्ती के उम्मीदवार की दो साल में घट गई हाइट!

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती के दौरान दो अलग-अलग वर्षों में एक ही अभ्यर्थी का कद मापने में हुई विसंगति को देखते हुए जोधपुर एम्स के डायरेक्टर को स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की सिंगल बेंच ने अभ्यर्थी उमाराम की अर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइट जांच का निर्देश दिया है।याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि वर्ष 2023 की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में विभाग ने उमाराम की ऊंचाई 168 सेंटीमीटर मापी थी, जो विज्ञापन में निर्धारित न्यूनतम मानक के अनुरूप थी। अधिवक्ता ने बताया कि उस भर्ती में उमाराम मेरिट सूची में स्थान नहीं पा सका, इसलिए उसे नियुक्ति नहीं मिली। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि उम्मीदवार ने वर्ष 2025 की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में फिर से भाग लिया, लेकिन इस बार विभाग ने उसकी ऊंचाई 167.4 सेंटीमीटर मापी। वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता अनुसूचित जनजाति (टीएसपी क्षेत्र) श्रेणी से संबंधित है और यदि उसे टीएसपी क्षेत्र के उम्मीदवार को दी जाने वाली छूट के आधार पर माना गया, तो उसके चयन की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी। ऊंचाई मापने में आई इस विसंगति को देखते हुए वकील ने स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से जांच करवाने का आग्रह किया।कोर्ट ने मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपने अंतरिम आदेश में कहा कि वर्ष 2023 और 2025 की अलग-अलग मेडिकल रिपोर्ट में विसंगति है। कोर्ट ने कहा कि न्याय हित में यह जरूरी है कि याचिकाकर्ता की जांच एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से करवाई जाए। कोर्ट ने एम्स निदेशक को कम से कम दो डॉक्टर्स का मेडिकल बोर्ड गठित कर वर्ष 2025 के विज्ञापन में तय मापदंडों के अनुसार उम्मीदवार की ऊंचाई जांचने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता 12 मार्च तक "राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर" के नाम पर 15 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा करवाए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता इस डीडी को जमा करवाने के प्रमाण के साथ कोर्ट के आदेश की प्रमाणित कॉपी राज्य सरकार के वकील को सौंपे। कोर्ट ने सरकारी वकील को निर्देश दिया है कि वे एम्स जोधपुर द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अगली तारीख तक सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 तय की गई है।

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